पॉलिसी की कापी लक्खा सिंह को मिल गई थी। इसके बाद उस लड़की ने लक्खा सिंह को फोन किया कि वह पावर 99 कंपनी में 20 हजार रुपये लगाए। इस रकम के उसको पेंशन के रूप में पैसे मिलने शुरू हो जाएंगे। इस पर लक्खा ने चेक के जरिये 20 हजार रुपये भर दिए। इसी तरह गुरदीप सिंह नाम के अज्ञात व्यक्ति ने लक्खा को कोटक महिंदरा कंपनी में बीमा पॉलिसी करवाके ज्यादा मुनाफा देने का झांसा देकर 43 हजार रुपये की पॉलिसी करवा दी।
इसके अलावा अन्य व्यक्तियों की ओर से गिरोह बनाकर मोबाइल फोन जरिये लक्खा सिंह को विश्वास में लेकर ज्यादा मुनाफा देने का झांसा देकर कुल 49 लाख 25 हजार 2012 रुपये विभिन्न फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में जमा करवा के ठगी मारी है।
कई जगहों पर खोल रखे थे कॉल सेंटर
पुलिस ने बताया कि इस संबंधी केस थाना कोतवाली में दर्ज करके गहनता से जांच करने के बाद उक्त तीनों आरोपियों को मनीमाजरा चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में माना है कि उन्होंने एक गिरोह बनाया था, जिसमें उनकी तरफ से बीमा कंपनियों के पूर्व कर्मचारियों की मदद लेकर लोगों की बीमा पॉलिसियों का डाटा चोरी करके उनके फोन के जरिये संपर्क करके फर्जी पॉलिसियों में ज्यादा मुनाफा देने का झांसा देकर ठगी की जाती थी।
ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। बाद में यह रकम अपने बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली जाती थी। इस काम के लिए आरोपियों द्वारा विभिन्न जगहों पर कॉल सेंटर खोले थे। काल सेंटरों पर काम करने वाले व्यक्तियों में से संदीप मिश्रा, इंदू, मीनाक्षी, रमेश ठाकुर, नवीन, रीना पांडे व कुछ अन्य के नाम सामने आए हैं।
कमाई का कुछ हिस्सा दान देने के लिए बनाया था ट्रस्ट
एसपी ने बताया कि आरोपियों की ओर से विभिन्न शहरों में फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों साथ ठगी की जाती थी। ठगे के पैसों में से 60 प्रतिशत दीपेश गोयल रखता था, जबकि 40 प्रतिशत अमित कुमार व गगन सचदेवा रखते थे। साथ ही आरोपियों द्वारा ठगी के पैसों में से कुछ पैसे दान करने के लिए एक ट्रस्ट बनाया गया था। जिसमें से जरूरतमंद बच्चों की फीस भरी जाती थी व उन्हें किताबें, कापियां वगैरह दी जाती थीं।