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बैंक में नौकरी के साथ घर में करता था नोट छापने का काम, अब देखिए क्या मिला है

Thu, 04 May 2017 09:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला(पंजाब)
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जाली करंसी छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक कर्मचारी जो नौकरी तो बैंक में करता था, लेकिन नौकरी के बाद खुद नोट बनाने का धंधा भी चला रखा था। पंजाब के बरनाला में पुलिस ने छापा मारा तो एक गिरोह हत्थे चढ़ गया, जिसके पास से सात लाख 40 हजार रुपये की जाली करंसी पकड़ी गई। 
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जिला पुलिस मुखी बलजोत सिंह राठौर ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एसपीडी स्वर्ण खन्ना की अगवाई में सीआईए स्टाफ मलकीत सिंह चीमा ने जाली करंसी छापने वाले गिरोह से छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की सरगना सुखदर्शन कौर निवासी संधूकलां, कुलदीप सिंह निवासी पत्ती बट्ठा भोलिया शहणा, संदीप सिंह गांव शहणा हाल आबाद गांव अस्पाल कलां, रमनदीप सिंह उर्फ रमना  निवासी पक्खो बस्ती शहणा, जगदीश दास निवासी तूतडा पत्ती शहणा व वकील खां निवासी ढूंडा पत्ती शहणा के तौर पर हुई है। 
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बैंक मुलाजिम करता था ऐसी मदद

जाली करंसी छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला

आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह की सरगना सुखदर्शन कौर के घर से जाली करंसी तैयार करने वाला एक कंप्यूटर, कटर, कलर स्कैनर, प्रिंटर और कागज बरादम किया गया है। गिरोह की सरगना सुखदर्शन कौर अपने घर में ही करंसी छापने का धंधा चलाती थी। एसएसपी ने बताया कि उसके कब्जे से 7 लाख 40 हजार 700 रुपये बरामद किए हैं। इनमें 500 के 470 और दो हजार के 430 नोट शामिल हैं। 

इस गिरोह में भारतीय स्टेट बैंक आफ इंडिया का मुलाजिम संदीप सिंह शहणा भी मिला हुआ था, जो नोटों की डिजाइनिंग संबंधी जानकारी देता था। एसएसपी ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ दौरान खुलासा हुआ है कि अभी इन्होंने करंसी छापी ही थी और मार्केट में भेजने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने इस गिरोह को पहले ही काबू कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद अहम खुलासे सामने आने की संभावना है। 
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