चंडीगढ़ के सेक्टर-46 में मंगलवार को थार हिट एंड रन का मामला हुआ था। दो सगी बहनों को टक्कर मारने वाली लाल रंग की थार का मुख्य चालक हादसे के 24 घंटे भी फरार है। वीरवार को एक व्यक्ति सेक्टर-34 थाने लेकर पहुंचा और खुद को असली चालक बताया, लेकिन मृतक सजोफ के परिजनों ने पुलिस को कहा कि वह असली चालक नहीं है। उसने पगड़ी नहीं पहनी हुई थी। जबकि जो व्यक्ति थाने पहुंचा उसने पगड़ी पहनी हुई थी। वहीं ड्राइवर ने दावा किया कि हादसे के वक्त वह गाड़ी चला रहा था।
सूत्रों ने बताया कि जो व्यक्ति थाने पहुंचा वह थार मालिक का ड्राइवर है। पुलिस अब जांच कर रही है कि हादसे के वक्त क्या वही थार चला रहा था या फिर चालक कोई दूसरा है। सीसीटीवी कैमरे के अनुसार थार चालक के साथ एक युवती भी मौजूद थी। बुडै़ल चौकी प्रभारी एसआई गुरजीवन सिंह अब थार के असली मालिक और थाने में पेश होने वाले व्यक्ति की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। थार सेक्टर-21 के एड्रेस पर रजिस्टर्ड है। वहां से सेक्टर-16 निवासी को थार बेची गई थी।
हालांकि पीड़ित परिवार ने इस बयान पर एतराज जताते हुए कहा कि पुलिस असली दोषी को बचाने की कोशिश कर रही है। परिवार का कहना है कि हादसे के वक्त थार किसने चलाई, यह शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों से पता लगाया जा सकता है। परिजनों ने वीरवार को बुड़ैल चौकी में जमकर हंगाम किया। परिजनों ने पुलिस की कारवाई का विरोध करते हुए कहा कि जब तक पुलिस असली आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर लेती, तब तक वह यहां से जाने वाले नहीं है। परिजनों ने कहा वह सड़क जाम करेंगे। मृतक के पिता सावेद ने बताया कि मृल रूप से वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। मृतक सजोफ सेक्टर-45 देव सामाज कॉलेज में बीए में पढ़ती थी। दोनों बहनें सेक्टर 46 में ब्यूटी पार्लर का काम सीख रही थी।
सेक्टर-46 में बुधवार दोपहर को सड़क पार करने के लिए सड़क किनारे खड़ी दो सगी बहनें सोजेफ और ईशा को तेज रफ्तार थार ने जोरदार टक्कर मारी थी। हादसे में सोजेफ की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि ईशा को गंभीर हालत में सेक्टर-32 के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया था। परिजनों ने वीरवार को अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
इंडस्ट्रियल एरिया से बरामद हुई थार
पुलिस को फरार आरोपी का कोई सुराग भले न मिला हो, लेकिन हादसे में शामिल थार बरामद कर ली गई है। लाल रंग की थार इंडस्ट्रियल एरिया से मिली। पुलिस ने वाहन मालिक के घर पर भी दबिश दी थी, मगर वहां कोई नहीं मिला। पुलिस अब वाहन की फॉरेंसिक जांच कर रही है और ड्राइवर के बयान की सच्चाई की पड़ताल में जुटी है। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि पुलिस असली थार चालक की पहचान कर उसे तुरंत गिरफ्तार करे।