टीचर भर्ती घोटाले में यूटी पुलिस की एसआईटी ने बृजेंद्र नैन नामक सहआरोपी को गिरफ्तार किया है। सोनीपत निवासी बृजेंद्र को भिवानी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को वीरवार को जिला अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड हासिल किया।
केस के जांच अधिकारी डीएसपी कृष्ण कुमार के अनुसार यूटी पुलिस की ओर से मामले में की गई यह पहली गिरफ्तारी है। इससे पहले दिनेश कुमार यादव को पुलिस ने पंजाब विजिलेंस से प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। उन्होंने कहा कि अब बृजेंद्र से मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करनी है। इसके लिए उसे लखनऊ और सोनीपत लेकर जाना है। उससे वे वाहन भी बरामद करने हैं, जिनमें वह कैंडिडेट्स को लेकर डील फाइनल करने के लिए अलग-अलग शहरों में गया था।
नैन पर आरोप है कि उसने दो कोचिंग इंस्टीट्यूट के 25 कैंडिडेट्स से 7-7 लाख रुपये में टीचर भर्ती का पेपर पास करवाने की डील फाइनल की थी। बृजेंद्र के पास सबसे अधिक कैंडिडेट्स सोनीपत से थे। इसके अलावा हरियाणा के अन्य हिस्सों से भी उसके पास कैंडिडेंट्स आए थे ।
ये है मामला
गिरफ्तार
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यूटी शिक्षा विभाग ने पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी टीचरों की भर्ती की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे।
पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार कर रहे हैं।