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देखिए, छात्रों को ड्रग्स सप्लाई करने वाले इन 'तस्करों' को

Wed, 29 Jul 2015 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्राइम ब्रांच की टीम ने गुप्त सूचना पर जम्मू-कश्मीर मूल के ड्रग्स बेचने वाले दो तस्करों को सेक्टर-43 बस स्टैंड से गिरफ्तार किया है। दोनों की तलाशी के दौरान 500 ग्राम चरस बरामद की गई। यह चरस कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को सप्लाई की जाती थी।
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पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस धंधे में कौन-कौन शामिल है।

स्टूडेंट तक ऐसे पहुंचाते थे ड्रग्स
पुलिस से पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि वे कश्मीरी मूल के रिक्शा और ऑटो चालकों को चरस की खेप पहुंचाते थे। वे पीयू के हॉस्टल, कॉलेज और पॉश इलाकों में चरस बेचते थे। उन्हें इसका कमीशन मिलता था।
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पैसा ऐसे पहुंचता था जम्मू-कश्मीर
रिक्शा और ऑटो चालक चरस बेचने के बाद मिलने वाला पैसा दोनों तस्करों को देते थे। इन पैसों से वे सेकेंड हैंड दोपहिया वाहन खरीदकर जम्मू-कश्मीर ले जाकर बेच देते थे। इसके उन्हें दो फायदे होते थे। एक तो यह कि नकद राशि नहीं ले जानी पड़ती थी क्योंकि पकड़े जाने पर पूछताछ का डर था।

दूसरा यह कि यहां से वाहन सस्ते में खरीदकर वहां अधिक दाम पर बेच कर फायदा भी होता था। अगर कोई इन वाहनों के बारे में पूछता था तो खुद को वाहन डीलर बताते थे।

तीन साल से चल रहा था सिलसिला
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वे पिछले तीन वर्षों से चंडीगढ़ में नशे की तस्करी कर रहे हैं। आरोपी रिक्शा चालक, ऑटो चालक को मुनाफे के झांसे में फंसाते थे। ये आरोपी सिर्फ दो या तीन दिनों के लिए यहां आते थे। इस दौरान वे गेस्ट हाउस में ठहरते थे।
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आरोपियों का प्रोफाइल
पहला
नाम- माजिद हसन, उम्र-25 साल
पता: गांव, महमुदाबाद, अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर
एजुकेशन- बीकॉम - बेरोजगार

दूसरा
नाम- मंजूर अहमद, उम्र-33 साल
पता: गांव, महमुदाबाद, अनंतनाग, जम्मू-कश्मीर
एजुकेशन- 11वीं तक, टैक्सी ड्राइवर
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