पिता ने छात्रा को सहेलियों के साथ स्कूल जाने से मना कर दिया। गुस्से में आकर उसने जो कदम उठाया, देखकर मां-बाप के होश उड़ गए। घटना चंडीगढ़ के सेक्टर-20 की है। पिता की मामूली सी डांट पर ग्यारहवीं में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने गुस्से में घर पर फंदे से लटकर जान दे दी।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नही हुआ है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे ग्याहरवीं में पढ़ने वाली छात्रा अंशु देसवाल (15) ने दुपट्टे से फंदा लगाकर संदिग्ध परिस्थितियों में जान दे दी।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह स्कूल जाने के लिए उसके घर तीन सहेलिया बुलाने आई थी। अंशु सेक्टर 21 के देव समाज स्कूल में पढ़ती थी। लेकिन उसके पिता ने उनके साथ स्कूल जाने से मना कर दिया था। परिजनों ने बताया कि अंशु के पिता ने कहा कि अगर स्कूल जाना है तो मै छोड़ कर आऊंगा नही तो स्कूल मत जाओ। जिसके बाद अंशु स्कूल नही गई थी।
खिड़की से झांक कर देखा तो अंशु फंदे से झूल रही थी
चिकित्सकों ने इसे मृत घोषित कर दिया।
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उसके पिता के के देसवाल पंचकूला में ड्यूटी पर चले गए थे। घर पर सिर्फ अंशु व उसकी मां ही बचे थे। अंशु की मां घर के कामों में व्यस्त थी और इसी बीच अंशु घर के पीछे बने एक एक कमरे में गई और दरवाजा बंद कर खुदकुशी कर ली।
काफी देर तक जब वो कमरे से नही निकली तो उसकी मां ने उसको आवाज दे बुलाया। लेकिन कई बार आवाज देने पर अंशु ने कोई जवाब नही दिया तो उसकी मां ने खिड़की से झांक कर देखा तो अंशु फंदे से झूल रही थी। जिस पर उसने तुरंत अपने पति और पुलिस को फोन किया। मौके पर पुलिस पहुंची और फंदे से उतारकर जीएमएसएच 16 लेकर गई जहां डाक्टरों ने देखते ही अंशु को मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना लगते ही डीएसपी ईस्ट सतीश कुमार और सेक्टर 19 पुलिस स्टेशन के एसएचओ मनिंदर सिंह पहुंचे। एसएचओ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। प्राथमिक जांच में मामला खुदकुशी का ही लगात है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। अंशु के पिता के के देसवाल पंचकूला में एप्लॉयमेंट एक्सचेंज विभाग में कार्यरत थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा था। परिजनों का कहना था कि अंशु पढ़ाई में भी बहुत तेज थी।