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पंजाब में कर्ज ने लील लीं 4 जानें, 5 बहनों ने इकलौता भाई खोया

Sun, 24 Apr 2016 07:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर/बठिंडा/मोगा
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पंजाब के किसान ने सुसाइड की - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के कर्ज से परेशान होकर चार और लोगों ने सुसाइड कर ली। दो ने फंदा लगाया तो दो ने जहर खाकर जान दी। पहली घटना फिरोजपुर के हलका बल्लूआना के गांव कुंडल में सेम से बंजर हुई जमीन के कारण एक किसान ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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मृतक पांच बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस को दिए बयानों में मृतक गुरप्रीत सिंह (25) के पिता गुरदेव सिंह निवासी गांव कुंडल ने बताया कि उनकी 4 किले जमीन में सेम के कारण पिछले काफी समय से फसल अच्छी नहीं हो रही। इस बार गेहूं की फसल का झाड़ भी बेहद कम था। इसी के साथ ही उसने अपनी पांच बेटियों की शादी बड़ी मुश्किल से की जिस कारण परिवार पर करीब तीन लाख रुपये का कर्ज है। इसे लेकर गुरप्रीत सिंह बेहद परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात गुरप्रीत ने गांव के ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में रस्से की सहायता से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। 
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शनिवार सुबह स्कूल खुलते ही घटना का पता चला तो उन्होंने इस बात की सूचना सदर थाना पुलिस को दी। एएसआई बलजीत सिंह ने गुरदेव सिंह के बयानों पर भांदस की धारा 174 की कार्रवाई की है।

बठिंडा में मां-बाप के इकलौता पुत्र ने जहर निगला

जहर, सुसाइड, हत्या
गांव जैद में एक 22 वर्षीय युवा किसान नच्छत्तर सिंह सोनी पुत्र जरनैल सिंह ने जहरीला पदार्थ निगल अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वह अपने मां-बाप का इकलौता पुत्र व एक बहन का भाई था। उसके परिवार के पास डेढ़ एकड़ जमीन है , जिस पर वह खुद खेती करता था।

इस के अलावा उसने गत वर्ष ठेके पर 6 एकड़ जमीन लेकर कपास की फसल बोई थी। सफेद मक्खी ने उसके सपनों पर पानी फेरकर उसे कर्जदार बना दिया। सरकार से मुआवजा कम मिला। फसल पर खर्च व ठेके की राशि अपने सिर से उतारने के लिए उसने गांव की कोआपरेटिव सोसाइटी से और कर्जा ले लिया।

कर्जे में डूबे इस युवा किसान को गेहूं की फसल से उम्मीद थी। इसके चलते उसने गांव से पैसा उधार लेकर और जमीन ठेके पर लेकर गेहूं की फसल बीज दी थी। गेहूं का झाड़ पहले से कम निकला। इससे निराश  नच्छत्तर सिंह ने गत शाम अपने खेत में कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। इसका पता लगने पर गांव के लोग उसे सिविल अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  

भारतीय किसान यूनियन उगराहां के ब्लॉक अध्यक्ष मास्टर सुखदेव सिंह जवंधा, गांव जैद ईकाई प्रधान दर्शन सिंह, सरपंच गुरजंट सिंह, नंबरदार जसविंद्र सिंह, मेंबर मेजर सिंह, जरनैल सिंह, गांव अध्यक्ष तेजा सिंह ने सरकार से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये के मुआवजे के अलावा परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग की। 

मोगा में किसान ने जहर खाकर जान दी

आत्महत्या
गांव बुर्ज दुना में कर्ज से परेशान एक किसान ने शनिवार की सुबह कोई जहरीली चीज खा कर खुदकुशी कर ली। थाना बधनी कलां पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम बाद शव वारिसों को सौंप दिया है। किसान चंद सिंह (32) पुत्र सिंगारा सिंह गांव बुर्ज दुना ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा घोलिया खुर्द से तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था।

 मामले की जांच कर रहे एएसआई सेवक सिंह ने बताया कि किसान चंद सिंह को इस बैंक कर्ज की लिमिट की अदायगी 30 अप्रैल को करनी थी। चंद सिंह सिर्फ आधा एकड़ जमीन का मालिक था और वह दो एकड़ जमीन अपने ताया मंगल सिंह से ठेके पर लेकर खेती करता था।

पुलिस मुताबिक मृतक किसान की पत्नी अमनदीप कौर ने पुलिस को दिए बयानों में कहा कि उसका पति चंद सिंह एक दिन पहले ही गेहूं मंडी में बेच आया था। बेची गई गेहूं से वह कर्ज की अदायगी करने से असमर्थ था। वह इस कर्ज के अलावा और अन्य लेन देन कारण परेशान था।

इस आर्थिक तंगी कारण उसने शनिवार की सुबह घर में कोई जहरीली दवा पी ली और उसकी मौत हो गई। चंद सिंह का विवाह तीन वर्ष पहले हुआ था। वह अपने पीछे डेढ़ वर्ष की बच्ची और विधवा पत्नी छोड़ गया है। यहां सिविल अस्पताल में गांव के मोहतबर व्यक्तियों और अन्य ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने और बैंक का कर्ज माफ करने की मांग की है।
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मानसा में भी जिंदगी से आसान लगने लगी मौत, फंदा लगाया

सुसाइड - फोटो : demo pic
मानसा में कर्ज के बोझ तले दबे गांव झुनीर के एक किसान गुरनाम सिंह (52) ने अपने ही खेत में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस साल अब मानसा में 19 किसान जान दे चुके हैं। जानकारी के अनुसार गुरनाम सिंह कर्ज के चलते काफी परेशान था।

उसके बेटे अमृतपाल ने बताया कि उनके पास तीन एकड़ अपनी जमीन थी और 5 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर वह खेती कर रहे थे। नरमे की फसल पूरी तरह में बर्बाद हो गई थी। उनके पिता पर लगभग 5 लाख रुपये का कर्ज है। इससे परेशान होकर पिता ने खेत में ही फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। झुनीर पुलिस ने 174 की कार्रवाई करने के बाद शव वारिसों को सौंप दिया।
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