पंजाब में खुदकुशी के दो मामले सामने आए हैं। एक ने खुद को गोली से उड़ाया तो दूसरे ने फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली।
पहली घटना मानसा की है। यहां एक नौजवान मजदूर ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर खुदकुशी कर ली। मजदूर सतनाम सिंह (22) काम न मिलने से आर्थिक तंगी से परेशान और मकान का किराया तक भरने से असमर्थ था। उसने सोमवार रात को घर पर पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी।
जरनैल सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर सात में रहने वाला उनका भांजा सतनाम सिंह दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम कर अपने परिवार को पाल रहा था। बीते समय में कम काम मिलने की वजह से उसने कई जगहों से कर्ज भी लिया हुआ था।
उन्होंने बताया कि सतनाम सिंह बीते कुछ समय से दिहाड़ी न मिलने के चलते मकान का किराया देने में भी असमर्थ था। वह मानसिक तौर पर काफी परेशान था। राष्ट्रीय प्रगतिशील महिला सभा की जिला प्रधान बलविंदर कौर खारा व सीपीआई (एमएल) के तहसील सचिव गुरसेवक सिंह मान ने सरकार से मांग की है कि मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी और योग्य आर्थिक सहायता दी जाए।
पूर्व सैनिक ने खुद को गोली मार कर की खुदकुशी
सुसाइड
- फोटो : डेमो फोटो
मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर स्थित कस्बा समालसर में बीती सोमवार रात को एक पूर्व सैनिक ने खुद को अपनी लाइसेंसी गन से गोली मार कर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी के कारणों का अभी पता नहीं लग सका है। मृतक का शव वारिसों को सौंप दिया है।
इस केस की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी फैली सिंह ने बताया कि जसमेर सिंह (70) अपने घर खुद को अपनी लाइसेंसी 12 बोर गन से गोली मार कर खुदकुशी कर ली। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी सुखदेव कौर के बयान पर धारा 174 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित परिवार ने बताया कि मृतक पूर्व सैनिक जसमेर सिंह किसी कारण से परेशान रहता था और मानसिक तनाव में यह कदम उठाया है।