6 साल की बेटी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई प्रिंसीपल मां और उसने जहर निगलकर अपनी जीवनलीला भी समाप्त कर ली। पंचकूला के मनीमाजरा में खुद का एक छोटा स्कूल चलाने वाली महिला उसी स्कूल में प्रिंसिपल थी। पिछले महीने अक्तूबर की 10 तारीख को बच्ची की मौत उल्टी दस्त की बीमारी के कारण हो गई थी।
सुसाइड करने वाली महिला रविंदर कौर (37) ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा है। इस नोट में उसने लिखा है कि वह अपनी बेटी के बिना नहीं रह सकती है। बेटी की मौत से वह परेशान है। इसिलिए वह मौत को गले लगा रही है।
महिला ने खरड़ में रहने वाले भाई दलजीत सिंह को अपने 12 साल बेटे आकाशवीर सिंह और पति अंतरजोत सिंह का ध्यान रखने को कहा है। रविंदर ने अपनी मौत के लिये खुद को जिम्मेदार ठहराया है। रविंदर कौर के पति अंतरजोत सिंह डेरा साहिब मोहल्ले के मकान नंबर 453 में रहते हैं।
वहीं पर उन्होंने सेंट हरि का प्राइवेट स्कूल खोला हुआ है। दोनों पति-पत्नी मिलकर स्कूल चलाते थे। बताया जा रहा है शनिवार को सुबह पौने सात बजे रविंदर कौर दूसरी मंजिल में बने घर के एक बाथरूम में गिरी पड़ी मिली। थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि महिला ने रात को सल्फाज की गोलियां खा लीं।
पति ने सुबह उसे बाथरूम में बेहोशी की हालात में उठाकर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव खरड़ में रहने वाले मृतका के पिता साधु सिंह और भाई दलजीत सिंह को सौंप दिया है। ऑल प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने रविंद्र कौर की मौत पर शोक जताया है। प्रधान सुखजीत बराड़ ने बताया कि रविंद्र कौर मिलनसार और इमोशनल नेचर की महिला थीं।