कोचिंग सेंटर में कंप्यूटर सीख रहा दीपक सोनी रोज की तरह कंप्यूटर सीखने जा रहा था, लेकिन तभी सड़क पर दो युवक आए और उन्होंने ऐसा काम कर दिया कि मौके पर मौजूद लोगों का दिल बैठ गया। घटना हरियाणा के हिसार की है। जहां बस स्टैंड के पास ऋषिनगर की गली नंबर 2 में सोमवार को सुबह 10 बजकर 8 मिनट पर कैमरी गांव के 22 साल के दीपक सोनी की खंजर घोंपकर हत्या कर दी गई। उसने पिछले साल जाट कॉलेज से बी.कॉम की थी।
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परिजनों का कहना है अब वह एम.कॉम का छात्र था। वारदात स्थल के पास गली से गुजरते दो संदिग्ध युवकों के चेहरे सीसीटीवी में कैद हो गए। सिटी थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है। दूसरी तरफ परिजनों ने हत्यारों की गिरफ्तारी होने तक सिविल अस्पताल से डेड बॉडी उठाने से इनकार किया है।
गांव कैमरी का दीपक सोनी ऋषिनगर के एक कोचिंग सेंटर में कंप्यूटर सीख रहा था। वह दस बजे ऑटो रिक्शा में बस स्टैंड पर पहुंचा और वहां उसे उसका दोस्त बगला का संदीप कुमार मिला। दोनों ऋषिनगर में कोचिंग सेंटर की तरफ पैदल जाने लगे। ऋषिनगर की गली नंबर दो में बाइक पर दो युवक आये। उनमें से एक ने उतरकर दीपक के सीने में खंजर घोंप दिया और फिर दूसरा वार उसके कान के पीछे गर्दन पर किया और फरार हो गए।
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31 मार्च को दोनों गुटों के बीच हुआ था झगड़ा
सीसीटीवी में कैद आरोपियों की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बगला के संदीप कुमार ने बताया कि उनके पक्ष के काली और गांव धान्सू के रवीन का झगड़ा हुआ था। उसके बाद वह, दीपक और अन्य 31 मार्च को डीएन कॉलेज में गए थे। उनका रवीन के साथ झगड़ा हुआ था। बाद में रवीन और दीपक के बीच फोन पर समझौते की बात हुई थी। रवीन ने पांच अप्रैल को दोनों पक्षों की मीटिंग कर समझौता करने की बात कही थी। दीपक वगैरा समझौते के प्रति आश्वस्त हो गए थे, लेकिन दूसरा पक्ष मन में रंजिश पाले था।
गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इनकार
मृतक के मौसा मनोज सोनी ने कहा है कि वे आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव नहीं उठाएंगे। उन्होंने कहा कि दीपक की दिनदहाड़े बीच बाजार में हत्या कर दी गई और हत्यारे फरार हो गए। उनका कहना है कि पुलिस पहले सभी हत्यारों को गिरफ्तार करे। उसके बाद वे सिविल अस्पताल से शव उठाकर अंतिम संस्कार करेंगे।
डीएसपी और एसएचओ पहुंचे मौके पर
डीएसपी जितेंद्र सिंह और सिटी थाना प्रभारी कृष्णलाल सूचना मिलने पर वारदात स्थल पर पहुंचे और आस-पास के दुकानदारों से बातचीत की। वहां बस अड्डा चौकी प्रभारी अजय कुमार अत्री भी टीम सहित मौजूद थे। डीएसपी और एसएचओ सिविल अस्पताल में पहुंचे और उन्होंने मृतक के परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों के साथ बातचीत की। उसके बाद परिजनों व दोस्तों के बयान दर्ज किए। सिविल अस्पताल परिसर में कैमरी के काफी आदमी और मृतक के दोस्तों की भीड़ मौजूद थी।
परिजनों और दोस्तों के बयान दर्ज
छात्र का मर्डर
मां और भाई पहुंचे अस्पताल
मृतक की मां कलावती और भाई हनुमान सूचना मिलने पर सिविल अस्पताल परिसर में पहुंचे। वहां मौजूद युवकों ने कुछ देर दीपक की मौत की खबर मां से छुपाने का प्रयास किया। उनको कुछ दूरी पर एक दुकान में बिठाया गया, लेकिन थोड़ी देर में कलावती को अपने बेटे की मौत का पता चल गया। मृतक की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। दीपक तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
छात्र होने को लेकर भ्रम
मृतक के कई दोस्तों का कहना था कि दीपक ने पिछले साल बी.कॉम किया था। वह जाट कॉलेज से पास आउट था। एक दोस्त का कहना था कि उसकी कंपार्टमेंट आई थी, जबकि मृतक के भाई हनुमान का कहना है कि दीपक एम.कॉम फर्स्ट इयर का छात्र था। मौसेरे भाई का कहना है कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान में एम.कॉम सेकंड इयर का छात्र था।
चश्मदीद बोला, एक हमलावर स्टार्ट बाइक पर बैठा रहा, दूसरे ने किया कत्ल
छात्र का मर्डर
- फोटो : अमर उजाला
बगला गांव के संदीप कुमार ने बताया कि वह जाट कॉलेज से पास आउट है। वह और दीपक बस अड्डे पर मिले थे। उसके बाद वे ऋषिनगर की गली नंबर 2 से गुजर रहे थे। वह एक दुकान पर सिगरेट लेने लगा और दीपक कुछ दूरी पर एक हेयर सैलून के सामने एक एकेडमी का पंपलेट पढने लगा। तभी बाइक पर धान्सू गांव का रवीन और कैरी आंखों वाला एक लड़का आये। रवीन ने उतरकर खंजर का वार दीपक के दिल पर किया। जब तक दीपक संभलता हमलावर ने दूसरा वार उसके कान के पीछे गर्दन पर किया।
दीपक की छाती से खून का फव्वारा फूट पड़ा। कैरी आंखों वाला लड़का बाइक स्टार्ट किये खड़ा था। हमलावर उसकी बाइक पर बैठकर फरार हो गया। संदीप ने बताया कि वहां कुछ अन्य लड़के भी खड़े थे। वह अन्य लड़कों के सहयोग से दीपक को उठाकर एक-एक करके दो निजी अस्पतालों में ले गया। लेकिन उन्होंने दीपक को दाखिल करने से इनकार कर दिया। वे बाद में एक एंबुलेंस में गंभीर घायल को सरकारी अस्पताल में लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।