पंजाब का माहौल खराब करने की शिकायत पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने वीरवार को अमेरिका में बसे सिख फॉर जस्टिस (एसजेएफ) के कानूनी सलाहकार समेत दो भारतीयों पर देशद्रोह और समाज में नफरत पैदा करने व साजिश रचने के आरोप में मोहाली के सोहाना थाने में मुकदमा दर्ज किया है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को सख्त हिदायत जारी की है कि सिख फॉर जस्टिस समेत कोई भी अन्य असामाजिक संगठन लोगों की सांप्रदायिक भावनाएं न भड़का सके, जिसका लाभ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ले सकती हो। यह आदेश सूबे में बीते दिनों अलग-अलग 40 स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों के संबंध में दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस बात का खंडन किया कि एसजेएफ की मुहिम को स्थानीय लोगों की तरफ से कोई समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग शांति चाहते हैं और सरकार सूबे में शांति बरकरार रखने के लिए वचनबद्ध है। पुलिस जांच में सामने आया कि ‘पंजाब इंडीपेंडेंस रिफरेंडम 2020’ शीर्षक के अधीन जो मुहिम चलाई जा रही है, उसे बाबा हनुमान सिंह इंटरप्राइजेज एजेंसी द्वारा चलाया जा रहा है, जिसे न्यूयॉर्क से एसजेएफ के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नू ने काम सौंपा है।
पन्नू के अलावा जिन अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, उनमें जगदीप सिंह उर्फ बाबा जग्ग सिंह निवासी फतेहगड़ साहिब (इस समय न्यूयॉर्क में रह रहा है), जगजीत सिंह निवासी जम्मू-कश्मीर (न्यूयॉर्क में रह रहा है) शामिल हैं। इसके अलावा जिन दो भारतीयों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, उनमें गुरप्रीत सिंह निवासी डी-39 फेज-5 इंडस्ट्रियल एरिया मोहाली और हरपुनीत सिंह निवासी नानक नगर जम्मू (जम्मू कश्मीर) का नाम शामिल है। पुलिस ने इन पांचों के विरुद्ध दुश्मनी की भावना बढ़ाने, अलग-अलग समूहों में नफरत पैदा कर समाज में सांप्रदायिक सद्भावना को अस्थिर करने के आरोप के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।