शाम फैशन मॉल के मालिक अमरजीत सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई द्वारा दायर क्लोजर रिपोर्ट को सीजेएम अनुभव शर्मा की अदालत ने सोमवार को खारिज कर दिया।
अदालत ने सीबीआई को आदेश दिए कि मामले की री इंवेस्टिगेशन की जाए। कोर्ट ने कहा अमरजीत सिंह की हत्या के मामले में हर पहलू पर जांच करके जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश की जाएं।
बहस के दौरान सीबीआई वकील ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पर कहा कि जांच के दौरान परिवार के सदस्यों, घर में काम करने वाले नौकरों, लोकल रेजिडेंट्स, दुकानदारों, उनके मित्रों, जान पहचान के लोग और डॉक्टर्स से पूछताछ की गई। लेकिन, अमरजीत की हत्या के बारे में कोई क्लू नहीं मिला।
केस से संबंधित ब्यौरा अखबारों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दिया गया। यही नहीं हत्यारों का सुराग बताने वाले को सीबीआई ने एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की थी। मामले में संदिग्ध व्यक्तियों का सीएफएसएल दिल्ली से पोलियो ग्राफ टेस्ट भी करवाया गया। लेकिन, उसमें भी कोई क्लू नहीं मिला।
गौरतलब है कि मृतक केबेटे गगनदीप के वकील हरीश भारद्वाज ने जिरह में कहा कि अमरजीत सिंह की हत्या में सीबीआई ने जल्दबाजी में बिना ठीक से जांच किए क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी है। मृतक परिवार द्वारा अमरजीत के हत्यारों का सुराग देने वाले को 20 लाख रुपये इनाम की घोषणा की गई थी।
गगनदीप को अपने पिता की मौत के संबंध में कुछ फोन कॉल्स भी आती रही हैं। उन्होंने इसकी जानकारी सीबीआई को दी तो सीबीआई ने कहा कि वह क्लोजर रिपोर्ट पेश कर चुके हैं और केस की जांच को खत्म करना चाहते हैं। इसके अलावा अखबारों में छपा था कि बंगाली गिरोही ने शाम फैशन मालिक की हत्या को अंजाम दिया है। सीबीआई ने उनसे भी पूछताछ नहीं की है। सीबीआई वकील ने कहा कि इसको लेकर चंडीगढ़ पुलिस से संपर्क किया गया था। जिन्होंने गिरोह का अमरजीत की हत्या में हाथ होने से इंकार कर दिया था।
यह था मामला
दायर मामला 7 मई 2009 का है। शाम फैशन मॉल का मालिक अमरजीत सिंह रात करीब 10 बजे सेक्टर-35 स्थित कोठी में पहुंचा तो कोठी के बाहर बाइक सवार दो युवकों ने अमरजीत की गोली मारकर भाग गए थे। परिजन अमरजीत को मोहाली के अस्पताल में लेकर गए थे। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया गया था। मामले में सुराग न लगने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर वर्ष 2010 में सीबीआई को जांच सौंपी गई थी। 30 अक्तूबर 2010 को जांच एजेंसी ने मामले में हत्या व आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। 27 नवंबर 2012 को सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी।