स्टेपिंग स्टोंस स्कूल के बस कंडक्टर को 5 साल कैद
चंडीगढ़ सेक्टर-38 स्थित स्टेपिंग स्टोंस स्कूल की बस में केजी की पांच वर्षीय छात्रा से छेड़छाड़ मामले में जिला अदालत ने बस कंडक्टर जगजीत सिंह को 5 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि समाज में बच्चों के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं।
ऐसे में ऐसा अपराध करने वालों के प्रति दया नहीं बरती जा सकती। इन्हें सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए। ताकि ऐसा अपराध करने की कोई सोच भी न कर सके। सेक्टर-38 में गत वर्ष मई में कंडक्टर द्वारा पांच साल की बच्ची से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। बच्ची के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उनकी पांच वर्षीय बेटी सेक्टर-38 स्थित स्टेपिंग स्टोंस स्कूल में केजी में पढ़ती है। स्कूल की जिस बस से वह आती-जाती है, उसका कंडक्टर मुल्लांपुर निवासी जगजीत सिंह है।
7 मई 2015 की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि उनकी बेटी स्कूल से छुट्टी के बाद जब घर पहुंची तो घबराई हुई थी। बच्ची ने अंदरुनी अंगों में दर्द की शिकायत की। बेटी ने बताया कि जगजीत उससे छेड़छाड़ करता है। पीड़िता के पिता ने घटना की जानकारी स्कूल प्रिंसिपल को दी, लेकिन वह कार्रवाई करने के बजाय कई दिन तक उन्हें टालते रहे। जब स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की तो परिजनों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मामला मीडिया के जरिए सामने आया।
इस पर चंडीगढ़ स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की चेयरपर्सन देवी सिरोही ने मामले में स्वयं संज्ञान लेते हुए इसकी जांच की। इसके बाद उन्होंने आईजी यूटी पुलिस को इसकी रिपोर्ट भेजी। मामला गरमाने के बाद आईजी के निर्देश पर सेक्टर-39 थाना पुलिस ने जगजीत के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था और 13 मई को उसे गिरफ्तार किया गया था।
जानिए कब-कब क्या हुआ?
स्टेपिंग स्टोंस स्कूल के बस कंडक्टर को 5 साल कैद
- 12 मई 2015 - बस कंडक्टर जगजीत व अन्य के खिलाफ केस दर्ज
- 13 मई 2015 - बस कंडक्टर जगजीत गिरफ्तार
- 14 जुलाई 2015 - पुलिस ने तय समय के एक दिन बाद दायर किया चालान
- 15 जुलाई 2015 - देरी से चालान दायर करने पर अदालत को जगजीत को देनी पड़ी जमानत
- 23 जुलाई 2015 - जगजीत के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप तय
- 14 सितंबर 2015 - पीड़ित बच्ची के अदालत में हुए बयान
- 06 अक्तूबर 2015 - बच्ची के पिता के हुए अदालत में बयान
- 23 नवंबर 2015 - पीड़ित बच्ची की मां के हुए बयान दर्ज
- 26 सितंबर 2016 - कंडक्टर जगजीत को अदालत ने दोषी करार दिया
- 28 सितंबर 2016 - जगजीत को अदालत ने 5 साल की सजा सुनाई