पड़ोसी राज्यों में भ्रूण लिंग जांच से हरियाणा का लिंगानुपात बिगड़ने लगा है। पिछले छह माह में ही प्रदेश में लिंगानुपात 11 अंक गिरकर 917 से 906 तक पहुंच गया है। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। सरकार के निर्देश के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में चल रहे जांच केंद्रों पर नकेल करने की तैयारी कर ली है। विभाग की ओर से दूसरे प्रदेशों में चल रहे जांच केंद्रों की चिन्हित करके छापेमारी की जाएगी।
प्रदेश के सभी 22 जिलों में से 20 जिलों की सीमाएं पड़ोसी राज्यों के साथ लगती हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं। हरियाणा में लिंग जांच को लेकर काफी सख्ती बरती जा रही है। हालांकि, इसके बावजूद प्रदेश के लोगों ने जांच के लिए दूसरे प्रदेशों का रूख करना शुरू कर दिया है।
खासकर यूपी और पंजाब में 40 हजार रुपये में लिंग जांच की जाती है और गर्भपात भी कराया जाता है। इसका नतीजा ये है कि प्रदेश में पिछले आठ साल में लिंगानुपात में हुआ सुधार फिर से लड़खड़ाने लगा है। पिछले छह माह में सात जिलों रोहतक, चरखी दादरी, गुरुग्राम, कैथल, करनाल, रोहतक और सोनीपत में लिंगानुपात 900 से भी नीचे चला गया है, जबकि जींद, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र और झज्जर में सुधार हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों का कहना है कि प्रदेशभर के सीएमओ की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही दूसरे प्रदेशों में चल रहे जांच केंद्रों पर भी नजर रखकर उनका खुलासा करने का निर्देश है।
सात जिलों में लिंगानुपात का आंकड़ा 900 से भी नीचे
- चरखी दादरी 868
- गुरुग्राम 880
- कैथल 889
- करनाल 874
- रोहतक 874
- सोनीपत 885
एक साल में 62 के खिलाफ एफआईआर
पिछले एक साल में हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग ने 50 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के लाइसेंस रद्द किए हैं, जबकि 104 मशीनों को सील किया गया है। 62 डॉक्टरों व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया और 31 के खिलाफ कोर्ट में केस चलाए गए हैं। लिंग जांच रोकने के लिए प्रदेशभर में एक साल में 38 रेड की गई जबकि दूसरे प्रदेशों में 29 स्थानों पर छापेमारी की गई।
यूं गिरा लिंगानुपात
जून 2022 में प्रदेश का लिंगानुपात 1000 लड़कों में 916 लड़कियां का था। इसके बाद 2023 में लिंगानुपात लगातार गिरता रहा। जनवरी में 913, फरवरी 920, मार्च 914, अप्रैल 909 और मई में 905, जून में 906 आ गया।