देश में कन्या भ्रूण हत्या और इसके परीक्षण पर कानूनी रोक के बावजूद ये किट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अमेरिकी कंपनियां ऐसी किट्स भारत में शिपिंग पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बेच रही हैं। सरकार को कस्टम विभाग सतर्क कर चुका है और मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अलावा सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।
अनेक वेबसाइट और ऑनलाइन स्टोरों पर लिंग जांच की किट्स 19 से 500 डॉलर में उपलब्ध हैं। ऐसी प्रचलित किटें बेचने वालों में से एमेजॉन.कॉम भी है।
इस स्टोर के जरिए किट्स भारत में भी बिक रही हैं। ये किट्स अमेरिका में पैक होती हैं। इसी प्रकार टेलमीपिंकऑरब्लू वेबसाइट पर भी इस किट के लिए ऑर्डर दिया जा सकता है।
इतना ही नहीं एडवोकेट रविंदर सिंह ने जनहित याचिका में ऑनलाइन किट संबंधी जानकारी ब्लॉक या फिल्टर करने की अपील की है। लेकिन पंजाब टेलीकॉम सर्कल के अधिकारी ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
प्रोडक्ट पर लिखा होता- 'नॉट शिप टू इंडिया'
किट्स निर्माता कंपनी अपने उत्पाद पर खास तौर से लिखती हैं- प्रोडक्ट नॉट शिप टु इंडिया (भारत नहीं भेजा जा सकता)। इसके बावजूद ऑनलाइन जानकारी पर रोक नहीं लगी है। यहां तक कि पंजाब और हरियाणा की सरकारों ने इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भी भेजे हैं।
गूगल आदि कंपनियों से ऑनलाइन बिक्री की सेवा ठप कराने का अधिकार विभाग के पास नहीं है। ऐसा ही एक मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
-दलीप साहू, अवर सचिव केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
राज्यों में लिंगानुपात का अंतर
----------2001----------2011
राष्ट्रीय-----933-----------940
हिमाचल---970-----------974
उत्तराखंड--964-----------963
उत्तर प्रदेश--989----------908
पंजाब-----874-----------893
जम्मू-कश्मीर-900---------883
हरियाणा-----861---------877
दिल्ली------821----------866
चंडीगढ़-----773----------818
(स्रोत : जनगणना 2001 और 2011 के अनुसार/महिला प्रति 1000 पुरुष के हिसाब से)