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बड़ा खुलासा: पंजाब को दहलाने के पीछे भारतीय का हाथ

Thu, 30 Jul 2015 12:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, दीनानगर (गुरदासपुर)
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आतंकी हमले की जांच में जुटी पुलिस के हाथ ऐसे अहम सुराग लगे है, जिससे स्पष्ट है कि पंजाब को दहलाने के पीछे भारतीय का हाथ है। अब तक की जांच से लग रहा है कि किसी स्थानीय व्यक्ति ने आतंकियों की मदद की थी। इससे संबंधित कई पुख्ता इनपुट और सबूत पुलिस को मिल चुके हैं। इनके आधार पर अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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राजकीय रेलवे पुलिस ने 2004 में रेल ट्रैक पर हुए धमाके की केस फाइल निकलवा कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने गुज्जरों के डेरे में रहने वाले तमाम लोगों के मोबाइल नंबर लेकर उनकी कॉल डिटेल और लोकेशन निकलवानी शुरू कर दी है।

डीजीपी सुमेध सैनी का कहना है कि अभी मामले की जांच चल रही है, कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हमारी कई टीमें विभिन्न थ्योरी से वर्क कर रही हैं और इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इन आतंकवादियों की मदद किसी ने की है।
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पुलिस का शक पुख्ता करते 2 सवाल

1. आतंकियों तक दूध किसने पहुंचाया
आतंकियों के पास से पानी की एक बोतल में दूध मिला था। बोतल आधे से ज्यादा खाली हो चुकी थी लेकिन दूध खराब नहीं हुआ था, इसका मतलब था कि भीषण गर्मी में आतंकवादियों ने कुछ समय पहले ही किसी से दूध लिया था। इससे साफ है कि यह मददगार स्थानीय व्यक्ति होगा।

2. पुली का ब्योरा कैसे मिला
जिस तलवंडी पुली पर बम फिट किए गए थे, उसका रास्ता या तो रेलवे लाइन पर ही आगे चलकर आता है या फिर खेतों में पैदल जाना पड़ता है। जांच टीम मानकर चल रही है इस पुली और यहां से गुजरने वाली ट्रेन का पूरा ब्योरा आसपास के लोगों से मिला होगा।

पहले भी मदद कर चुके हैं डेरे
जांच टीम का शक इसलिए बढ़ता जा रहा है क्योंकि जिस स्थान पर बम फिट किए गए थे, वहां से चंद कदम की दूरी पर गुज्जरों के डेरे हैं, जो दूध दोहने और बेचने का काम करते हैं। माना जा रहा है यहीं से दूध मुहैया कराया गया है। बता दें कि 2004 में पटरी पर विस्फोट में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य सूत्राधार गुज्जरों का डेरा ही निकला था। इस डेरे की एक महिला ने आतंकियों की मदद की थी।
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