सामान्य अस्पताल के प्रसूति कक्ष में महिला चिल्लाती रही और अपने आप डिलीवरी के बाद बच्चा नीचे गिर गया। जबकि दूसरे कमरे में नर्स बातों में व्यस्त रही। प्रसूता के चिल्लाने पर दूर खड़े परिजनों ने जब हल्ला मचाया तब नर्स प्रसूति कक्ष की और दौड़ी और नवजात को उठाया।
इस घटना के बाद परिजनों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। गांव भूषण कलां निवासी विनोद की पत्नी अनीता की डिलीवरी होनी थी। परिजनों ने उसे सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया था।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे अनीता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों ने वहां मौजूद नर्स को अवगत करवाया। नर्स अनीता को लेबर रूम में ले गई। दर्द ज्यादा होने पर नर्स ने अनीता को डिलीवरी टेबल पर लेटा दिया और अभी टाइम लगने की बात कहकर बाहर चली गई।
सूचना मिलने पर नर्स के होश उड़े
परिजनों का आरोप है कि बाहर वह किसी अन्य महिला से बातचीत करने लग गई। उधर लेबर रूम में अपने आप डिलीवरी के बाद नवजात टेबल से फिसलकर नीचे फर्श पर जा गिरा। ऐसा देख अनीता जोर से चिल्लाई।
अनीता के साथ आई उसकी सास कमला और अन्य महिलाओं ने जब अनीता की आवाज सुनी तो वह दौड़ीं तो देखा कि नवजात बच्ची नीचे फर्श पर पड़ी थी।
गुस्साई अनीता की सास दौड़ती हुई बाहर आई और नर्स को बताया। डिलीवरी की बात सुनकर नर्स के होश फाख्ता हो गए और वह लेबर रूम की ओर दौड़ी। नर्स ने नवजात बच्ची को उठाकर उसकी सफाई की।
परिजनों ने किया हंगामा
घटना से गुस्साए प्रसूता के साथ आए परिजनों ने लेबर रूम के पास हंगामा भी किया। उन्होंने इस लापरवाही के लिए अस्पताल प्रशासन को भी कोसा। लोगों का कहना था कि ऐसी लापरवाही होगी तो कैसे लोग सामान्य अस्पताल में इलाज के लिए आएंगे।
परिजनों ने सुनाई खरी-खरी
घटना के बाद प्रसूता के परिजनों ने नर्स को खरी-खरी सुनाई। अनीता की सास कमला ने कहा कि अगर नवजात को कुछ हो गया तो इसकी जिम्मदारी किसकी होगी। उन्होंने नर्स को बर्ताव सही करने की नसीहत भी दी। इस दौरान अपनी खामी छुपाने के लिए नर्स चुपचाप परिजनों की बातें सुनती रही और कोई जवाब नहीं दिया।
‘‘घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर ऐसी घटना हुई तो मैं मामले की जांच करवाई जाएगी। यह कोई मामूली घटना नहीं है। प्रसूति कक्ष में नर्स के अलावा यशोदा और अन्य महिला कर्मचारी भी होती हैं। उस समय वह कहां थे, इसकी भी जांच करवाई जाएंगी। - डा. एडविन, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक सामान्य अस्पताल