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PGI में फिर भाई भतीजावाद, सामने आया 'काला' सच

Wed, 10 Jun 2015 10:22 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई में मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन (एमआरटी) की परीक्षा में धांधली सामने आई है। संस्थान के विजिलेंस विंग ने जांच में पाया कि एमआरटी की परीक्षा में जिन 166 कैंडिडेट का सेलेक्शन हुआ, उनमें अधिकतर परीक्षार्थियों के पास जरूरी योग्यताएं नहीं थीं।
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कोर्स के जो सर्टिफिकेट पेश किए गए हैं, वे सारे के सारे संदिग्ध हैं। ऐसे सर्टिफिकेट के आधार पर उनका सेलेक्शन नहीं किया जा सकता। पोस्ट के लिए अधिकतम उम्र 30 साल थी, लेकिन कई ऐसे कैंडिडेट थे, जिनकी उम्र 30 साल से ऊपर थी। गौरतलब है कि इसमें उन कैंडिडेट की संख्या ज्यादा थी, जिनके फैमिली मेंबर पीजीआई में कार्यरत हैं।

चीफ विजिलेंस आफिसर ने अपनी रिपोर्ट मिनिस्ट्री आफ हेल्थ के सेक्रेटरी एसएन शर्मा को भेज दी है। उधर, एसीपीआईओ रिक्रूटमेंट सेल पीजीआई की ओर से बताया गया कि मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन पोस्ट पर नियुक्ति अंडर प्रोसेस है। इसलिए अभी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी थी शिकायत

पीजीआई में कार्यरत अनिल नाम के एक शख्स ने एमआरटी की परीक्षा में धांधली की स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायत भेजी थी। 21 सितंबर 2014 को इसकी परीक्षा हुई और भर्ती सेल ने 166 कैंडिडेट को फाइनल किया। अक्तूबर में शिकायत दी गई और 11 नवंबर को स्वास्‍थ्य मंत्रालय ने पीजीआई सीवीओ को जांच के आदेश दिए थे।

हम पहले भी कहते आए हैं कि पीजीआई में होने वाली भर्तियों में काफी धांधली होती है। जांच से अब यह बात साबित भी हो चुकी है। इसमें पीजीआई एडमिनिस्ट्रेशन के आला अधिकारियों की भी मिलीभगत है।
- सुभाष चंदर, चेयरमैन, पीजीआई एडहॉक कमेटी
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