पीजीआई में मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन (एमआरटी) की परीक्षा में धांधली सामने आई है। संस्थान के विजिलेंस विंग ने जांच में पाया कि एमआरटी की परीक्षा में जिन 166 कैंडिडेट का सेलेक्शन हुआ, उनमें अधिकतर परीक्षार्थियों के पास जरूरी योग्यताएं नहीं थीं।
कोर्स के जो सर्टिफिकेट पेश किए गए हैं, वे सारे के सारे संदिग्ध हैं। ऐसे सर्टिफिकेट के आधार पर उनका सेलेक्शन नहीं किया जा सकता। पोस्ट के लिए अधिकतम उम्र 30 साल थी, लेकिन कई ऐसे कैंडिडेट थे, जिनकी उम्र 30 साल से ऊपर थी। गौरतलब है कि इसमें उन कैंडिडेट की संख्या ज्यादा थी, जिनके फैमिली मेंबर पीजीआई में कार्यरत हैं।
चीफ विजिलेंस आफिसर ने अपनी रिपोर्ट मिनिस्ट्री आफ हेल्थ के सेक्रेटरी एसएन शर्मा को भेज दी है। उधर, एसीपीआईओ रिक्रूटमेंट सेल पीजीआई की ओर से बताया गया कि मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन पोस्ट पर नियुक्ति अंडर प्रोसेस है। इसलिए अभी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है।