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200 करोड़ की धोखाधड़ी, सूर्या कंपनी के डायरेक्टर दंपति समेत 9 आरोपी

Sat, 17 Sep 2016 02:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोर्ट - फोटो : demo pics
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भारतीय स्टेट बैंक की सेक्टर-17 स्थित शाखा से 200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी मामले में दिल्ली सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में चालान दाखिल कर दिया। सीबीआई ने इसमें सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (एसपीएल) के डायरेक्टर अलका गोयल और राजीव गोयल (पति-पत्नी) समेत नौ को आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र में भागीदारी, धोखाधड़ी, जालसाजी, आर्थिक अपराध की धाराओं में आरोप लगाए गए हैं।
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मामले की अगली सुनवाई अक्तूबर में होगी। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने मामले में अलका और राजीव गोयल को मुख्य आरोपी बनाया है। साथ ही चंडीगढ़ में रहने वाले इनके बेटे सुहेल गोयल को भी आरोपी बनाया है। शुक्रवार को सीबीआई ने सीजेएम कोर्ट को बताया कि 200 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी के दोनों मुख्य आरोपी अलका और राजीव देश से फरार हैं। दोनों के अदालत पहले ही गैर जमानती वारंट जारी कर चुकी है। सीजेएम ने सीबीआई से पूछा कि मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं तो उन्होंने बताया कि फ्राड के मुख्य आरोपी फरार हैं और अन्य सभी जांच ज्वाइन कर चुके हैं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। 
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यह है मामला

कोर्ट - फोटो : Demo Pic
22 मई 2014 को एसबीआई के जनरल मैनेजर कुमार श्रृदिंदू ने दिल्ली सीबीआई की खास व्यावसायिक शाखा को दी शिकायत में कहा कि सूर्या फार्मा के डायरेक्टरों ने बैंक से फर्जी दस्तावेज के आधार पर 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। सीबीआई ने 3 जून 2014 को मामले में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में सूर्या फार्मा के डायरेक्टर अलका, राजीव गोयल, सुहेल गोयल  के साथ ही हरि ओम भाटिया, मुक्ता सेठ, प्रमोद अग्रवाल और अन्य को आरोपी बनाया गया था।

बैंक की शिकायत के अनुसार सूर्या फार्मास्युटिकल लिमिटेड के डायरेक्टर पंचकूला निवासी अलका और राजीव गोयल ने बैंक से लोन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए अलका ने कंपनी के टर्नओवर संबंधी फर्जी रिपोर्ट जमा कराई थी। इसमें कंपनी का टर्न ओवर बहुत अधिक दिखाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2010 से 2012 तक उनकी कंपनी का व्यापार 1,100 करोड़ रुपये का था। इसी रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने उनका 157.96 करोड़ का लोन पास किया था। इसके अलावा उन्होंने बेटे सुहेल गोयल को एम/एस एमसंस ऑरगेनिक्स लिमिटेड का एडिशनल डायरेक्टर जनरल दिखाकर उसकी कंपनी के फर्जी ट्रांजेक्शन के नाम पर भी बैंक से कुछ करोड़ का लोन लिया था।

200 करोड़ रुपये से अधिक का लोन लेने के बाद अल्का और राजीव फरार हो गए थे। इससे पहले कि उनका बेटा फरार होता सीबीआई ने उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया था। मामले में पहले पुलिस में केस दर्ज किया गया था। बाद में इसकी जांच जून 2014 में सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने 20 जून को आरोपियों के चंडीगढ़ स्थित आफिस और पंचकूला स्थित घर की तलाशी भी ली थी। इस दौरान सीबीआई ने कई दस्तावेज सीज किए थे जिनके आधार पर बैंक से फ्राड किया गया था। 
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