नेपाली मूल की मंदबुद्धि युवती से दुराचार, हत्या और दरिंदगी के आठों आरोपियों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जेल प्रशासन ने दरिंदगी के आरोपियों को अन्य कैदियों से अलग रखने के लिए पहले से ही व्यवस्था की थी। सभी को सुरक्षा सेल में भेजा गया है।
जेल उपाधीक्षक तेज सिंह ने बताया कि मामला काफी जघन्य है और लोगों में इनके खिलाफ गुस्सा है। ऐसे में कोई और कैदी अथवा बंदी इनके साथ किसी तरह की उद्दंडता न करें, इसलिए एहतियात के तौर पर सभी को अलग से सुरक्षा सेल में रखा गया है।
8 दिन के रिमांड के बाद पुलिस ने बुधवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। यहां दाखिल अर्जी में एसआईटी ने कहा है कि आरोपियों से सारी पूछताछ कर ली गई है। आरोपियों की निशानदेही पर साक्ष्य भी जुटा लिए गए हैं।
इसलिए अब इनसे कोई और रिकवरी बाकी नहीं है। इनका न्यायिक रिमांड मंजूर किया जाए। अदालत ने पुलिस की अर्जी स्वीकार करते हुए सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया। अगली पेशी 4 मार्च को होगी।
इससे पहले एसआईटी ने कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपियों को अंगुलियों व अंगुठों के निशान लगवाने के बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमनदीप की अदालत में पेश किया।
पीड़ित पक्ष की ओर से पेश हुए एडवोकेट पवन जांगड़ा व एडवोकेट पंकज कौशिक ने बताया कि पुलिस की अर्जी पर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।