पंजाब-हरियाणा सचिवालय की पार्किंग में जहर खाकर सुसाइड करने वाले रिटायर्ड फौजी के मामले में वीरवार को उसके बड़े भाई रामवीर सिंह ने संदीप की पत्नी के पुलिस कर्मियों से संबंध के आरोप को गलत ठहराया है।
उसने संदीप की पत्नी के आरोप को भी गलत बताया कि उसका छोटा भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ था। यह जरूर है कि संदीप शराब का आदी था। चंडीगढ़ पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार वीरवार को गांव खरखौदा से खाप पंचायत के लोगों के साथ मृतक संदीप का बड़ा भाई रामवीर सिंह आया था। उसने अपने बयान में छोटे भाई संदीप के पास से बरामद सुसाइड लिखी बातों से असहमति जताई। उसने कहा कि उसके भाई की पत्नी का किसी पुलिस कर्मी से संबंध नहीं है।
हालांकि, संदीप ने सुसाइड नोट में ऐसा क्यों लिखा? इसके बारे में उसने जानकारी नहीं होने की बात कही। रामवीर ने यह भी कहा कि उसका भाई मानसिक तौर पर बिलकुल फिट था। लेकिन, वह बहुत ज्यादा शराब पीता था।
इस एंगल पर होगी पुलिस की जांच
पुलिस के अनुसार पहले मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स निकाली जाएगी। इसके बाद मृतक की बेटी और पत्नी के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस सुसाइड लेटर के हैंडराइटिंग की सीएफएसएल जांच भी कराएगी। इनकी जांच में अगर आरोप सही मिलेंगे तो आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की पूरी निष्पक्ष जांच की जाएगी। लेकिन, किसी भी तरह का आरोप किसी पर सिद्ध होता है तो आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की जाएगी।
क्या है मामला
गौरतलब हो कि बुधवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा और पंजाब सचिवालय पार्किंग में एक रिटायर्ड फौजी ने जहर खाकर जान दे दी। उसके पास से बरामद सुसाइड नोट में घटना का कारण उसकी पत्नी के कुछ पुलिसकर्मियों से संबंध को ठहराया है। उसकी पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा निवासी संदीप कुमार के रूप में हुई थी। वह रोपड़ जिले में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में बेलदार के पद पर तैनात था।
वह बीएसएफ से रिटायर्ड था। चंडीगढ़ सेक्टर-3 थाना पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी पत्नी से बात की थी। इस दौरान उसने बताया कि उसके पति काफी समय से मानसिक तौर पर परेशान चल रहे हैं। उन्होंने तीन दिन पहले सुसाइड की कोशिश की थी। इसके बाद उनको रोहतक पीजीआई में भर्ती करवाया गया था। वहां से मौका पाकर भाग निकले।