गाड़ी में 2.6 किलो अफीम व 15 लाख रुपये की नकली कैश रख फंसाने केआरोप में मलोया थाना पुलिस ने यूटी पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर, लुधियाना के व्यापारी व हाईकोर्ट के वकील को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को जिला अदालत में पेश कर एक दिन का रिमांड हासिल किया है।
मलोया पुलिस स्टेशन के एसएचओ राम रतन शर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान रिटायर्ड यूटी पुलिस इंस्पेक्टर तरसेम सिंह राणा, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के वकील जतिन सलवान और लुधियाना निवासी नरिंदर सिंह के रूप में हुई है। उनके मुताबिक यह मामला 16 जून से शुरू होता है। उस दिन मलोया पुलिस को एक कॉल आया कि मारुति सवार एक व्यक्ति अपनी कार में भारी मात्रा में चरस और नकली करेंसी लेकर जा रहा है।
इसके बाद मलोया थाना पुलिस ने नाका लगाकर आरोपी को कार सहित काबू कर लिया। गाड़ी की जांच पड़ताल के दौरान कार के अंदर से 15 लाख 99 हजार रुपये की नकली करेंसी और 2.6 किलो अफीम बरामद हुई । कार चालक की पहचान नयागांव निवासी भगवान सिंह के रूप में हुई थी।
भगवान सिंह ने बताया कि कार उसकी नहीं बल्कि उसके मालिक मोहाली फेज-3 निवासी सुखबीर सिंह शेरगिल की है। उसने पुलिस को अपने बयान में बताया कि मालिक के निर्देश पर ही वह पंचकूला से जरूरी कागजात लेने गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर लिया और इसके बाद उसको न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार इसके बाद मोहाली निवासी सुखबीर सिंह शेरगिल को बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान शेरगिल ने बताया कि उसका लुधियाना निवासी बिजनैसमैन नरेंदर से विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर 14 जून की शाम उसके मोबाइल पर कनॉडा से कॉल आया था। कॉलर ने बताया कि वह बंसल बोल रहा है।
उसके पास शेरगिल और पंजाब इंफो टेक के बीच मल्टी करोड़ घोटाले से जुड़े कुछ जरूरी दस्तावेज हैं। इस दस्तावेज के आधार पर उसके केस में मजबूती आ जाएगी। इसके बाद दस्तावेज देने के लिए कॉलर ने उसको पंचकूला बुला लिया। शेरगिल ने बताया कि इसी दस्तावेज को लेने के लिए उसने अपने अकाउंटेंट भगवान सिंह को अपनी कार से पंचकूला भेजा था। पुलिस ने बताया कि वहां पर उसने एक महिला के हाथों से पैकेट लिया और वापस आने लगा। जब वो सेक्टर 38 वेस्ट पहुंचा तो उसे पुलिस ने दबोच लिया।
हालांकि, इस केस की छानबीन के दौरान थाना पुलिस को कुछ क्लू मिलने की वजह से मामले को हाईलाइट नहीं किया गया जबकि अंदरुनी जांच जारी रखी ।
मलोया थाना प्रभारी ने बताया कि मामले में कॉल डिटेल्स की छानबीन करने पर पता चला तीनों आरोपियों में आपस में काफी बातेें हुईं । पुलिस ने बताया कि तरसेम राणा ने ही पुलिस को फोन कर कार में नशे की तस्करी करने की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर 38 में ट्रैप लगाकर भगवान सिंह को अफीम व नकली करेंसी केसाथ गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि वह भगवान सिंह को इस मामले से डिस्चार्ज करवाएंगे। भगवान सिंह इस समय बुडै़ल जेल में बंद है।