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जाट आंदोलन: महिलाओं से रेप मामले में हाईकोर्ट का स्वतः संज्ञान

Wed, 24 Feb 2016 08:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में जाट आरक्षण के नाम पर उपद्रव के दौरान मुरथल स्थित सुखदेव ढाबे पर 10-12 महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना के मामले का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।
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जस्टिस एनके सांघी ने एक्टिंग चीफ जस्टिस को एक पत्र के जरिये मामले में जनहित याचिका चलाने की सिफारिश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट में वीरवार को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि हरियाणा में उपद्रव से पैदा हुई स्थिति के विरोध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई जस्टिस एसके मित्तल की डिवीजन बेंच के समक्ष सोमवार को होने वाली है।
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बुधवार को एक समाचार पत्र में घटना की खबर प्रकाशित हुई थी। समाचार में इस बात का उल्लेख था कि भले ही पुलिस इस कथित दुर्व्यवहार की घटना से इनकार कर रही हो, लेकिन मुरथल क्षेत्र के कुछ प्रत्यक्षदर्शी दुर्व्यवहार के आरोप को सही ठहरा रहे हैं।
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'यौन शोषण की घटना पर हाईकोर्ट आँखे मूंदे नहीं बैठ सकती'

आरोप है कि आंदोलन के दौरान सुखदेव ढाबे पर भीड़ ने तोड़फोड़ की। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने वहां फंसी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और कथित रूप से दुराचार की घटना को अंजाम दिया।

आरोप यह भी है कि इस घटना के बाद पुलिस के बड़े अधिकारी वहां पहुंचे। अफसरों ने महिलाओं से कहा कि इस मामले को उठाने से उनकी (महिलाओं) ही बदनामी ही होगी, लिहाजा वह ऐसे ही वापस चली जाएं।

हाईकोर्ट आंखें नहीं मूंद सकता
जस्टिस सांघी ने स्व संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि आंदोलन के दौरान हाइवे पर महिलाओं से यौन शोषण की घटना पर राज्य की हाईकोर्ट आँखे मूंदे नहीं बैठ सकती। इस घटना की जाँच देश की सर्वोच्च जाँच एजेंसी से होनी च्चाहिए। लिहाजा उचित कार्रवाई के लिए यह पत्र एक्टिंग चीफ जस्टिस को भेजा जा रहा है।
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