डड्डूमाजरा निवासी युवती के अनुसार उसकी बड़ी बहन के साथ उसका झगड़ा हो गया था। वह घर छोड़कर सहेली के पास चली गई।
वहां सहेली ने बताया कि वह सेक्टर-12, पीजीआई स्थित वाल्मीकि आश्रम में रहने वाले संतराम ऋषि उर्फ मान ऋषि को जानती है। जो शादी कराने का काम और रहने के लिए स्थान भी देते हैं।
6 जून को पीड़ित सहेली के साथ संतराम के पास पीजीआई स्थित वाल्मीकि आश्रम में चली गई। वहां उसने लड़की की शादी करवाने और क्लेस दूर करने के नाम पर दुराचार की वारदात को अंजाम दिया।
अगले दिन युवती अपनी बड़ी बहन के घर पहुंची। वहां उसने घटना की जानकारी बहन को दी। इसी बीच ढोगी संत ने कुछ दोस्तों संग एक हरियाणा नंबर की मारुति कार में सवार होकर पीड़िता को धमकाने के लिए उसकी बहन के घर पहुंचा।
चिल्लाने पर सभी युवक वहां से भाग गए थे। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को घटना की शिकायत दी थी।
शिकायत मिलने के बाद सेक्टर -11 थाना पुलिस ने पीजीआई के वाल्मीकि आश्रम के संतराम ऋषि को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ दुराचार का मामला दर्ज किया था।
इस मामले में अदालत ने संतराम ऋषि उर्फ मान ऋषि को सात साल की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसएस साहनी की अदालत ने उस पर पांच हजार
रुपये जुर्माना किया।