नाबालिग लड़की के अपहरण और दुराचार मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति साहनी की अदालत ने पीड़िता और शिकायतकर्ता द्वारा बयानों से मुकरने पर दड़वा निवासी मनोज कुमार को बरी कर दिया।
पीड़िता ने अदालत में कहा कि उसके साथ दुराचार हुआ ही नहीं है और वह अपने मामा के घर पर गई थी। वहीं पीड़िता के शिकायतकर्ता पिता ने कहा कि उसने गलती से पुलिस में मामला दर्ज कराया था।
दड़वा निवासी ने 16 जून 2013 को शिकायत दी थी कि उसकी बेटी का मनोज कुमार ने अपहरण कर लिया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर एक महीने बाद मनोज कुमार को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर नाबालिग लड़की को बरामद किया था।
लड़की ने आरोप लगाया कि मनोज उसे अलग-अलग राज्यो में घूमाता रहा और उसके साथ शादी करने का झांसा देकर दुराचार की वारदात को अंजाम दिया था। दड़वा पुलिस ने मनोज कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।