गाड़ी में मिले दस्तावेज
पुलिस ने गाड़ी की डैश बोर्ड से एक प्लास्टिक के डिब्बे में तीन मोहरे सुरजीत सिंह आरआरबी-एसएस लिखा और दो अन्य हस्ताक्षर वाली मोहरें, नकली एयर पिस्टल, एडीसी फिरोजपुर की संस्तुति वाला लाइसेंस, आईडी कार्ड, दो वॉकी-टॉकी, आजाद रंग मंच कला भवन फगवाड़ा के 14 खाली प्रशंसा पत्र, सुरजीत सिंह के हस्ताक्षर वाले 15 खाली फार्म रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड मुंबई, 17 आईकार्ड, 25 आवेदनकर्ताओं के असली सर्टिफिकेट, अलग-अलग लोगों के 22 आईडी कार्ड, रेलवे रिक्रूटमेंट के भरे हुए 12 फार्म और दोनों गनमैन व ड्राइवर की हाजरी लगाने वाला अटेंडेंस रजिस्टर और भारत सरकार लिखी किराये की स्कार्पियो गाड़ी बरामद की है।
30 लोगों से इकट्ठे किए 30 लाख
एसपी जांच सतनाम सिंह ने बताया कि नकली एसपी अपने पिता के साथ करीब एक माह पहले यहां आया है और अभी कपूरथला में जाल बिछाना था कि इससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछताछ में इसने माना कि उसने तरनतारन, जीरा, मोगा और फिरोजपुर के 30 लोगों को क्लर्क और सिपाही भर्ती करवाने के नाम पर 30 लाख रुपये की रकम ली है। इनके खिलाफ थाना सिटी में धोखाधड़ी, सरकारी अधिकारी के नाम का इस्तेमाल करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
दोनों गनमैन और ड्राइवर को एक माह वेतन भी दिया-नकली एसपी सुरजीत सिंह 2014 से रैकेट चला रहा है। उसने 2014 में लांडरां से बीटेक करने के बाद यह धंधा अपनाया। जब भी उसे कहीं जाना होता था तो वह अपनी भारत सरकार लिखी किराये की स्कार्पियो बुलाकर दोनों गनमैन और ड्राइवर को साथ लेकर पूरे ठाठ के साथ जाता था। वेटरनरी फार्मासिस्ट फिरोजपुर से रिटायर होने के बाद इसका पिता महल सिंह युवाओं को फंसाकर लाता था। अपने ठाठ-बाठ को बरकार रखने के लिए उसने बाकायदा एक माह 26,900 रुपये के हिसाब से गनमैन और ड्राइवर को सेलरी भी दी।
बीटेक एसपी पर बठिंडा, फिरोजपुर और महलकलां में रेलवे में भर्ती करवाने के नाम पर धोखाधड़ी और अमृतसर में दहेज उत्पीड़न और उसके पिता महल सिंह पर फिरोजपुर में दो धोखाधड़ी और अमृतसर में, कोट इस्से खां और अमृतसर में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज है।