कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी के फर्जी पीए बनकर लोगों को ठगने वाले परमिंदर सिंह तूर की ठगियों का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब एक युवक को पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर सीधे भर्ती करवाने के नाम पर सात लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस संबंध में अबोहर निवासी साजनदीप की शिकायत पर मटौर थाना पुलिस ने परमिंदर सिंह तूर व उसके साथी आदिसच सेखों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि तूर को जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा। जबकि दूसरे आरोपी की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
पुलिस को दी शिकायत में साजनदीप सिंह ने बताया कि उसने बीटेक की पढ़ाई कर रखी है। साथ ही वह नौकरी की तलाश कर रहा था। इस बीच पंजाब पुलिस में कांस्टेबल पद के लिए भर्ती निकली थी। इसमें उसने भी आवेदन कर दिया था। वह भर्ती के लिए तैयारी कर रहा था। इस बीच उसके दोस्त आदिसच सेखों ने कहा कि उसका एक जानकार राहुल गांधी का पीए है। साथ ही वह तुम्हें कहीं बढ़िया सरकारी नौकरी लगवा देगा। इसके बाद तूर से मिलाने के लिए वह उसे जीरकपुर ले गया। जीरकपुर के एक नामी होटल में तूर से उसकी मुलाकात हुई।
इस दौरान तूर को उसने बताया कि पंजाब पुलिस में कांस्टेबल पद की भर्ती के लिए आवेदन किया है। इस दौरान तूर ने कहा कि तुम्हें कांस्टेबल नहीं, बल्कि पंजाब पुलिस में सीधे इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। उसके पुलिस अधिकारियों के साथ अच्छे संबंध हैं। ऐसे में उसे कांस्टेबल की भर्ती प्रक्रिया में धक्के खाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उसने कहा कि नौकरी हासिल करने के लिए उसे सात लाख खर्च करने पड़ेंगे। उसकी बातों पर विश्वास हो गया।
धमकियां सुन काफी दिन रहा था शांत
Parminder singh toor
- फोटो : File Photo
इसके बाद उसने विभिन्न चरणों में तूर को पैसे दे दिए। इसके बाद उसे लगा कि वह सीधा इंस्पेक्टर बन जाएगा। उसे किसी तरह के टेस्ट देने की भी जरूरत नहीं है। भर्ती प्रक्रिया का जब रिजल्ट आया तो उसका नाम चुने हुए आवेदकों में नहीं था।
इसके बाद पीड़ित ने अपने दोस्त से संपर्क किया। लेकिन वह भी आनाकानी करने लगा। तूर ने फोन उठाना बंद कर दिया। जिक्रयोग है कि राहुल गांधी के फर्जी पीए परमिंदर सिंह तूर पर जीरकपुर थाने में धोखाधड़ी के दो केस दर्ज हैं। तूर इन मामले में जेल में है। जब पुलिस ने उसे पकड़ा था तो उसके पास चार पिस्टल, एस्कार्ट गाड़ियां व अन्य सामान बरामद किया था। उसके गनमैन भी पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।
धमकियां सुन काफी दिन रहा था शांत
साजनदीप ने बताया कि आरोपी से मिलने वह जीरकपुर गया था। पैसे मांगने पर उसने धमकियां दीं। आरोप है कि तूर ने कहा कि अगर उसे परेशान किया तो उसके घातक परिणाम निकलेंगे। इसके बाद तूर के वीआईपी स्टाइल को देखकर वह घबरा गया। काफी दिन तक वह चुप रहा। लेकिन जब तूर जीरकपुर में पकड़ गया तो उसमें भी हिम्मत आई। साथ ही उसने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी।