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दुष्कर्म मामले में पीयू का पूर्व रिसर्च स्कॉलर दोषी करार

Wed, 10 Feb 2016 10:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शादी का झांसा देकर पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्रा से दुष्क र्म के मामले में पीयू के ही रिसर्च स्कॉलर रहे करण सिंह को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला ने दोषी करार दिया है।
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अदालत उसे 12 फरवरी को सजा सुनाएगी। दोषी मूलरूप से भिवानी का रहने वाला है। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 28 मार्च 2014 को संबंधित केस दर्ज किया था।

पुलिस ने करण को भिवानी से गिरफ्तार किया था। केस में दिलचस्प पहलू यह था कि करण के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद उसने पीड़िता से शादी कर ली थी। बाद में दोनों ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की अर्जी दायर की थी। करण द्वारा पीड़िता से मारपीट और परेशान करने के कारण उसने याचिका वापस ले ली थी।
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इससे पहले पीड़िता ने ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर अर्जी में कहा था कि उसने गलती से एसएसपी को शिकायत दी थी और केस दर्ज करवाया।

कोर्ट को उसने बताया था कि उसने 23 अप्रैल 2014 को करण से शादी कर ली है। पीड़िता और करण दोनों पीयू में पढ़ाई कर रहे थे। युवती मूल रूप से हिसार की रहने वाली थी और उस वक्त पंचकूला में रह रही थी।

ये है मामला
पीड़िता पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए की छात्रा थी। एसएसपी को दी शिकायत में उसने कहा था कि दिसंबर 2012 में एक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात करण से हुई थी। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई। कुछ समय बाद करण ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। 18 अगस्त 2013 को करण पीड़िता को माता-पिता से मिलवाने के बहाने सेक्टर-41 स्थित एक मकान में ले गया। वहां उसने उसे कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाकर दिया जिससे वह बेहोश हो गई।

इसके बाद उसने धोखे से उससे दुष्कर्म किया। होश में आने पर उसने इसका विरोध किया तो करण ने उससे जल्द ही शादी करने का वादा किया। बाद में करण ने पीड़िता की अपने जीजा और अन्य पारिवारिक सदस्यों से फोन पर बात भी करवाई। आरोप के अनुसार इसके बाद भी करण ने उसे शादी का झांसा देकर उससे कई बार दुष्कर्म किया।

अक्तूबर 2013 में पीड़िता गर्भवती हो गई। उसने इसकी जानकारी करण को दी तो उसने बच्चा गिराने का दबाव बनाया, लेकिन उसने इंकार कर दिया। आरोप के अनुसार इसके बाद फरवरी 2014 को करण ने पीड़िता को पीयू में एक हॉस्टल के बाहर बुलाया और उससे मारपीट की। इससे उसकी हालत खराब हो गई और उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद पीड़िता ने एसएसपी को मामले में शिकायत दी।
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