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पंजाब में लश्करे तैयबा और जैशे मोहम्मद का आतंकी खतरा

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पाकिस्तान से चलने वाले लश्करे तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी खतरा पंजाब में बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर बार्डर पर सख्ती होने से आतंकवादी अब पंजाब बार्डर को टारगेट कर रहे हैं। ऐसे इनपुट भी लगातार केंद्रीय एजेंसियों की ओर से दिए जा रहे हैं कि पंजाब-पाक सीमा से आतंकवादी घुसपैठ कर सकते हैं।
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जनवरी में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की यात्रा से कुछ दिन पहले भी केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब बार्डर को लेकर चेताया था। यही नहीं, नई दिल्ली में मुंबई बम ब्लास्ट के लश्करे तैयबा के अब्बदुल करीम टुंडा को जब पकड़ा गया तो उसने पंजाब में अपने लिंक होने की बात कही थी। यहां तक खुलासा किया था कि उसने ही अमृतसर में बम प्लांट करवाया था।

गुरदासपुर के दीनानगर में पाक आतंकवादियों का हमला पहली घटना नहीं है। इससे पहले लगातार ऐसी घटनाएं होती रही हैं, जिसको संजीदगी से नहीं लिया गया। ऐसे में राज्य को लश्करे तैयबा व जैश ए मोहम्मद अपना टारगेट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 2004 में जालंधर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर अट्टा रेलवे लाइन को आरडीएक्स से उड़ा दिया गया था।
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यह लुधियाना के बिल्कुल करीब था, लेकिन टूटी रेल पटड़ी पर किसी की नजर पड़ गई तो समय रहते ही ट्रेन को रोक लिया गया। उस समय भी पुलिस ने 1250 किलो आरडीएक्स बरामद कर लश्कर के आतंकवादियों अलफदीन, मोहम्मद साफी, गुलाम हुसैन, फारूक अहमद, अली मोहम्मद को काबू किया था। लश्करे तैयबा के एरिया कमांडर अब्दुल मजीद ने इस पूरी योजना को अंजाम दिया था।

28 मार्च 2014 को हुई थी फायरिंग

28 मार्च 2014 को पंजाब सीमा से सटे कठुआ में तीन आतंकवादियों ने घुसकर फायरिंग कर दी थी। इसमें दो पुलिस मुलाजिम भी शहीद हो गए थे। तीनों आतंकवादी लश्करे तैयबा से संबंधित थे। उनके पास भी न तो कोई दस्तावेज था और न ही हथियारों पर कोई मार्क। इसके बाद खुफिया एजेंसियों ने पंजाब को सतर्क किया था कि सीमा पार से आतंकवादी घुसने की फिराक में हैं। 17 अप्रैल 2014 को पठानकोट के स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को लश्करे तैयबा का पत्र मिला था। इसमें सीएम और डिप्टी सीएम को मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद भी केंद्रीय और सीमा सुरक्षा बल की खुफिया एजेंसियों ने सतर्क किया था।

करीम टुंडा की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में लश्करे तैयबा सक्रिय
29 अगस्त 2014 को अब्दुल करीम टुंडा की गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया था कि पंजाब में लश्करे तैयबा पैर पसार रहा है। उसने खुलासा किया था कि 2009 में उसने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकवादियों के कहने पर अमृतसर में बम प्लांट किया था। तीन जनवरी 2015 को जब देश अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के आने की तैयारियों में जुटा था तो केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को आगाह किया था कि 70 आतंकवादी सिलायकोट शक्करगढ़ के रास्ते देश में घुसकर फिदायीन अटैक कर सकते हैं। यह भी जिक्र किया था कि आतंकवादियों ने नया ग्रुप सिनेक इन फिदायीन तैयार लिया है।
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आतंक फैलाने की कोशिश में आतंकवादी संगठन

8 मई 2015 को पंजाब बार्डर से कुछ दूरी पर स्थित मीनाहेर सेक्टर में आतंकवादियों ने घुसपैठ की थी। उनका हमला ठीक वैसे ही था, जैसा दीनानगर का हुआ है। इसमें उनके पास जीपीएस सिस्टम के अलावा चाइनीज ग्रेनेड व चार एके-47 भी मिली थी।

दरअसल, पंजाब में लश्करे तोयबा ने 2010 की घटना को दोबारा अंजाम दिया है। 25 अप्रैल 2010 को बमियाल के रास्ते से ही घुसकर आतंकवादी पठानकोट पहुंच गए थे। सुबह ठीक छह बजे उनकी पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। इसमें कांस्टेबल नरिंदर सिंह और सुरिंदर सिंह शहीद हो गए थे। तब भी आतंकवादियों के पास एके-47, चार हैंड ग्रेनेड मिले थे।

सूत्रों के मुताबिक राज्य में लश्करे तैयबा व जैश-ए मोहम्मद का खतरा बढ़ चुका है। क्योंकि पाकिस्तान में बैठे पंजाब के आतंकवादी संगठन अब लश्करे व जैश के सहारे ही चल रहे हैं। उनको लगातार पंजाब के बारे में इनपुट दे रहे हैं। पंजाब के आतंकवादी संगठन खुद तो कुछ न कर पाने में सक्षम नहीं है, इसलिए वह जेहादी संगठनों के जरिये राज्य में आतंक फैलाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
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