चोरी की कारों के साथ पकड़े गए पंजाब पुलिस के तीन निलंबित कांस्टेबलों को जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। मामले में शिकायतकर्ता अदालत में बयान दर्ज कराने ही नहीं पहुंचा। अदालत ने कांस्टेबल कुलविंदर सिंह, बलविंदर सिंह और सुखपाल सिंह को बरी कर दिया। इनके खिलाफ कार चोरी के अलग-अलग मामले यूटी में दर्ज किए गए थे।
बलविंदर सिंह के खिलाफ 5 मार्च 2006 को कार चोरी का मामला दर्ज किया गया था। चंडीगढ़ क्लब की पार्किंग में जाली नंबर लगी इंडिगो बरामद की गई थी, जो असल में किसी खानू नाथ के नाम पर थी। इसी दिन कांस्टेबल कुलविंदर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था। उस दिन उसके कब्जे से सेक्टर-39 के मार्केट की पार्किंग से फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार बरामद हुई थी।
इसके अगले ही दिन छह मार्च को कांस्टेबल सुखपाल के पास से मारुति जेन बरामद हुई थी। कार सेक्टर-41/55 के एरिया से बरामद की गई थी। इस पर भी फर्जी नंबर लगा था। तीनों की ओर से पैरवी करने वाले वकील के मुताबिक अदालत में किसी भी मामले में कोई शिकायतकर्ता बयान देने अदालत में नहीं पहुंचा, जिससे केस ट्रेस नहीं किया जा सका। मामले में पुलिस ने कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं रखा था। कार की चाबियां भी पुलिस से बरामद की गई थीं।