पंजाब पुलिस के पूर्व एएसआई को पाकिस्तानी सिम के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को उससे एक डायरी भी मिली, जिसमें तस्करों के नाम लिखे हैं। डीआरआई से बर्खास्त चल रहे एएसआई रंजीत सिंह को पुलिस ने अजनाला से गिरफ्तार किया। इसे डीआरआई का मोस्ट वांटेड तस्कर रंजीत सिंह बताया जा रहा है।
बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत उसे गिरफ्तार किया। छानबीन के दौरान रंजीत से एक पाक्सितानी सिम, एक भारतीय सिम और एक डायरी बरामद की गई, जिसमें पाक तस्करों के नाम लिखे हैं। आज अजनाला पुलिस ने रंजीत सिंह को सीजेएम की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। डयूटी मेजिस्ट्रेट ने आरोपी को पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक रंजित सिंह अटारी सीमा के साथ लगते सरहदी गांव मोदे धनोए का रहने वाला था और सीमा पर यह एक बड़ी तस्करी की वारदात को अंजाम देने के लिए आया था।
पाक तस्करों के बारे में जानने को पुलिस करेगी पूछताछ
अजनाला थाना प्रभारी जगबीर सिंह औलख ने बताया कि 27-28 जनवरी की रात पाकिस्तान की तरफ से भारत-पाक के पास स्थित कोलम डोगर पर सरहद पार से तस्करों की तरफ से फायरिंग की जिसके जवाब में बीएसएफ ने मोहतोड़ जवाब दिया। तस्कर वहां पर मैगजीन छोड़ कर फरार हो गए थे, जिसे बाद में बीएसएफ ने अपने कब्जे में ले लिया था।
उस दौरान बीएसएफ की तरफ से कटीली तारों के पास एक भारतीय को संदिग्ध व्यक्ति दिखाए दिया। बीएसएफ ने उसे गिरफतार करने का प्रयास किया लेकिन भागने में कामयाब हो गया। अगले दिन यानी 28 जनवरी को बीएसएफ ने इस बाबत अजनाला पुलिस को सूचित किया।
अजनाला पुलिस की शक की सुई रंजीत पर पड़ी, जिन्होंने उसे 29 जनवरी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उम्मीद जताई कि रिमांड दौरान रंजीत से पूछा जाएंगा किन-किन पाकिस्तानों तस्करों के उसके साथ संबंध थे उनके नाम और पता जानने की कोशिश करेंगी।