सात एकड़ जमीन पर ऑर्गेनिक खेती करता था, लेकिन वह कर्ज के बोझ तले इस हद तक दबा था कि जिंदगी खत्म करना ही मुनासिब समझा। मामला पंजाब के फिरोजपुर का है। थाना कुलगढ़ी के अंतर्गत गांव झोक हरिहर में कर्ज से परेशान एक नौजवान किसान ने जहरीली दवा निगल कर खुदकुशी कर ली। किसान के पास सात एकड़ जमीन थी और बैंक, को-आपरेटिव सोसाइटी, आढ़ती व भाईचारे से लिया गया लगभग बीस लाख रुपये का कर्ज था।
पिछले दो दिन में प्रदेश में ये दूसरा नौजवान किसान की खुदकुशी का मामला है। इससे पहले पटियाला के गांव फतेहपुर गढ़ी में वीरवार नौजवान किसान नरिंदर सिंह ने भी खेत में जहरीली दवा पीकर खुदकुशी की थी। किसान कुलदीप सिंह (45) के पिता गुरचरण सिंह वासी गांव झोक हरिहर ने बताया कि उसके बेटे कुलदीप सिंह के पास सात एकड़ जमीन थी। जमीन पर आरगैनिक खेती करता था और सब्जियों की पैदावार करता था।
इसके साथ ही वह अन्य किसानों के खेतों में भी कामकाज करता था ताकि उसका कर्ज आसानी से उतर सके, लेकिन इतनी मेहनत करने के बाद भी कुलदीप कर्ज उतारने में असमर्थ रहा। गुरचरण सिंह ने बताया कि कुलदीप पर बैंक व को-आपरेटिव का आठ लाख रुपये, आढ़ती का सात लाख रुपये व भाईचारे के पांच लाख रुपये का कर्ज था। कर्ज के कारण कुलदीप हमेशा परेशान रहता था। कर्ज उतारने के लिए कुलदीप ने कई प्रयास किए लेकिन सफल नहीं हो सका। कुलदीप के दो बेटे हैं।