सिरसा की गैंगरेप पीड़िता ने सुनाई दर्द की कहानी
- फोटो : फाइल फोटो
नाबालिग युवती से गैंगरेप हुआ, परिवार समेत उसे गांव छोड़ना पड़ा। अब वो 7 माह की गर्भवती है। मरना चाहती है, लेकिन मामला कुछ और है? सिरसा जिले की रहने वाली वाली नाबालिग पीड़िता ने बुधवार को मीडिया सेंटर में दुखड़ा रोया। पीड़िता के मुताबिक अब उसके सामने मरने के अलावा कोई चारा नहीं है, लेकिन वह इंसाफ मिलने के बाद ही अगला कदम उठाएगी।
पीड़िता ने पुलिस की कार्यशैली को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीड़िता ने आरोप लगाया कि 22 अक्टूबर 2015 को गांव के ही दो युवक संदीप कुमार व वरिंद्र उर्फ सोनू उसे अगवा कर राजस्थान ले गए थे। जहां दोनों ने कई बार उससे दुष्कर्म किया। इसी बीच एक आरोपी ने उससे शादी करने का झांसा दिया।
करीब छह महीने तक उसके साथ शादी नहीं की तो वे उसे 25 फरवरी 2016 में लोहगढ़ गांव में छोड़कर फरार हो गए। जब गांव में आकर उसने पूरे मामले को परिजनों को बताया तो परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस को दी तो पुलिस ने कार्रवाई करने की वजाय समझौता करने का दबाव बनाया। पीड़िता ने यह भी बताया कि वह करीब 7 महीने की गर्भवती भी है।
न्याय नहीं मिल रहा, धमकियां जरूर मिल रही हैं
सिरसा की गैंगरेप पीड़िता ने सुनाई दर्द की कहानी
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पीड़िता ने आगे बताया कि उसे न्याय नहीं मिल रहा, वहीं उसे और उसके परिवार को गांव छोड़ना पड़ा। गांव में आने की सूरत में उसे धमकियां दी जा रही हैं। नाबालिगा के परिजनों ने भी कहा है कि वे कई बार एसपी व डीएसपी डबवाली को मिल चुके हैं। अगर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपनी जान दे देंगे।
उधर डबवाली सदर थाना के एसएचओ विनोद कुमार ने कहा है कि पहले पुलिस ने इस मामले में नाबालिगा की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज की थी। कुछ महीनों बाद नाबालिगा बरामद हुई तो उसके कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज करवाए गए, जो बयान नाबालिगा ने दिए थे, उसके आधार पर कोई कार्रवाई नहीं बनती थी। उसके बाद फिर से नाबालिगा ने पुलिस को शिकायत देकर कहा कि वह गर्भवती है। उसने दोनों लड़कों पर आरोप लगाए।
पुलिस ने इस मामले में फिर से जांच की। इसके बाद केस दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी संदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरा आरोपी निर्दोष है। इसकी जांच डीएसपी डबवाली ने भी की है। पुलिस पर लगाए गए आरोप भी निराधार हैं।