पीजीआई चंडीगढ़ की ओर से बठिंडा की एक दुराचार पीड़िता के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़िता का गर्भपात कराया जा सकता है। पीड़िता ने हाईकोर्ट में अपील कर गर्भपात की इजाजत मांगी थी। जस्टिस आरके जैन ने शुक्रवार को पीजीआई की रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए केस की सुनवाई चार अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी।
पीड़िता की अपील पर हाईकोर्ट ने गत 29 मार्च को पीजीआई के निदेशक को आदेश जारी किया था। कहा था कि पीड़िता की जांच दो विशेषज्ञ गायनोकोलॉजिस्ट से कराया जाए। अदालत यह जानना चाहती थी कि पीड़िता का गर्भपात सुरक्षित है या नहीं। पीड़िता के एडवोकेट रोहित कुमार ने उम्मीद जताई कि सोमवार को अदालत मामले में आदेश जारी कर सकती है।
यह है मामला : बठिंडा की 28 वर्षीय महिला, दो बच्चों की मां है। इस साल जनवरी में अगवाकर उसके साथ दुराचार किया गया था। इस मामले में बठिंडा में दो एफआईआर भी दर्ज की गई। वारदात के कुछ दिनों बाद 27 फरवरी को पीड़िता ने बठिंडा के एक मेडिकल संस्थान में अपनी जांच कराई तो पता चला कि वह सात सप्ताह तीन दिन की गर्भवती है। पीड़िता दुराचार के कारण इस बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती, इसलिए उसने हाईकोर्ट से गर्भपात की अनुमति मांगी है। उसने अदालत में कहा था कि वह तीसरी बार मां नहीं बनना चाहती।