कहते हैं जल ही जीवन है, लेकिन हुडा की लापरवाही के कारण इस जल ने ही मानसिक रूप से बीमार 40 वर्षीय संजय से मां का प्यार छीन लिया। संजय का मां ही खयाल रखती थी, लेकिन सेक्टर-19 में दूषित पानी की सप्लाई के कारण डायरिया फैलने से 70 वर्षीय मां शशि बाला की मौत हो गई।
संजय ने लड़खड़ाती आवाज में बताया कि मां ने अस्पताल जाते समय बताया था कि अब वह ठीक नहीं हो पाएगी, अपना खयाल रखना। संजय को बार-बार दौरा आता है, लेकिन अब तो उसका खयाल रखने वाला भी कोई नहीं है।
पिता का करीब डेढ़ साल पहले ही निधन हो गया था, जबकि अब मां भी चल बसी। एक मां ही थी कि संजय का दिल बहला रहे, इसलिए 40 साल की उम्र में भी उसे पढ़ने के लिए सेक्टर-12 में भेजती थी। वह नौवीं में पढ़ता है।
दर्द से कराहती रहीं मां, पैर दबाता रहा बीमार बेटा
शशि बाला की वीरवार को जब तबीयत खराब हुई तो संजय सारी रात उनका पांव दबाता रहा। शशि बाला भी बेबस थी। जिस बीमार बेटे के ठीक होने के लिए वह मंदिर और गुरुद्वारों में मन्नतें मांगती थी, उस रात पहली बार उसे भूखा ही रहना पड़ा था।
बीमार होने के बावजूद उन्हें यह दर्द सालता रहा। संजय भी मां की बेबसी देखकर रोता रहा। रात के समय कई बार डॉक्टर के पास चलने की बात भी संजय ने मां से कही थी। आधी रात को बीमार बेटे को किसे बुलाने को कहती। शायद यही सोचकर शशि बाला पूरी रात दर्द झेलती रही।
पड़ोसी ने अस्पताल पहुंचाया, फिर भी मिली मौत
उसके बाद पानी पिलाने के लिए संजय को एक बार आवाज दी, तब तक सुबह हो चुकी थी। मां के कहने पर संजय ने पड़ोसियों को बुलाया और पड़ोसी नरेश कुमारी उनके घर पहुंची। नरेश ने बताया कि बिस्तर और कपड़े दस्त और उल्टियों से अटे पड़े थे।
तब तक दूसरा पड़ोसी राजू भी पहुंचा। शशि बाला को सेक्टर-19 की डिस्पेंसरी लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जनरल अस्पताल रेफर कर दिया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।