तीन डीएसपी और रादौर के एसडीएम कंवर सिंह ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीण आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर पर अड़ गए। बाद में विधायक श्याम सिंह राणा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला। शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव के श्मशान घाट में ले जाया गया। जहां अंबाला से आए सैनिकों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी। उसके बाद दाह संस्कार किया गया।
तीन साल पहले ही सेना में हुए थे भर्ती
नसीब राणा करीब तीन साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और ट्रेनिंग के बाद 72 इंजीनियर रेजिमेंट जीरकपुर में तैनात थे। वह लालड़ू में अपनी बहन के पास रह रहे थे। काफी समय से उनके पिता मेघराज बीमार चल रहे थे। उनकी देखभाल के लिए वह 18 मार्च को एक महीने की छुट्टी लेकर घर आए थे।
मृतक के चचेरे भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्षता के साथ जांच की जा रही है। अगर जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर
यह बहुत दुखद घटना है। पुलिस उच्चाधिकारियों से बात की है। अगर पुलिसकर्मी नाका लगा कर उगाही कर रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। -श्याम सिंह राणा, विधायक