किशोर को वीरवार रात बेड़ियों से बांधकर रखा
शहर की एक पुलिस चौकी पुलिस ने किशोर न्याय अधिनियम की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए एक किशोर को वीरवार रात बेड़ियों से बांधकर रखा।
इस किशोर को चोरी का प्रयास करने के आरोप में पकड़कर पुलिस को सौंपा था। मामला संज्ञान में आने पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने इस पर नाराजगी जताई और किशोर को बोर्ड के समक्ष पेश करने को कहा। इसके बाद पुलिस ने देर रात किशोर को लेकर जुवेनाइल जस्टिल बोर्ड के समक्ष पेश किया।
पुलिस ने किशोर के हाथ बांधकर पहले तो उसे चौकी में जमीन पर बिठा दिया। उसके बाद उसके पांव में बेड़ी भी पहना दी। इससे किशोर दहशत में रहा। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सदस्य से बात करने के बाद पुलिस को जब गलती का अहसास हुआ तो किशोर को बंधन मुक्त कर देर रात को ही बोर्ड चेयरमैन के घर पर उसको पेश किया।
गंभीर अपराध है पुलिस की ये क्रूरता
किशोर को वीरवार रात बेड़ियों से बांधकर रखा
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य सरदार परमजीत सिंह बड़ौला ने बताया कि उन्हें इस बाबत सूचना मिली है और वे इसकी जांच कराएंगे। पुलिस चौकी में किशोर के साथ इस तरह क्रूरतापूर्ण व्यवहार गलत है। किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के तहत ऐसा करने पर तीन साल की सजा या एक लाख जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
यह था मामला
किशोर पर आरोप है कि उसने सेक्टर मार्केट में सब्जी खरीदने आए एक दंपति की खड़ी कार के पिछले टायर में सूआ घोंपकर उसे पंचर कर दिया था। दंपति कार की डिग्गी खोलकर टायर बदलने में जुटा तो इसी बीच किशोर ने कार का शीशा खोलकर उसमें रखा लैपटॉप और पर्स उठा लिया। वह भागता कि इससे पहले महिला ने शोर मचा दिया। लोगों ने भगाते हुए किशोर को पकड़कर पुलिस को सौंपा।
वर्जन
किशोर को यूं ही चौकी में बिठाया गया था, वह भागने की फिराक में था, उसे रात को ही बोर्ड के समक्ष पेश कर दिया था। पुलिस ने किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन नहीं किया है। -सुखदेव सिंह, पुलिस चौकी प्रभारी, नंबर पांच, सिटी