रेव पार्टी के लिए पंजाब रोडवेज की बस में दिल्ली से लाए जा रहे दो सांप और 600 एमएल कोबरा के जहर को पुलिस ने पीएफए(पीपल फॉर एनिमल) की टीम के साथ मिलकर बरामद किया।
पीएफए की संस्थापक मेनका गांधी को इस तस्करी की पूर्व सूचना मिली थी। पीएफए के स्थानीय सदस्यों ने यह जानकारी पुलिस को पास की और धरपकड़ के लिए हल्लोमाजरा चौक पर नाका लगाया गया।
बस नं पीबी12आर1917 की तलाशी ली गई तो सीट नंबर-15 और 16 के नीचे स्पोट्स शूज के दो डिब्बे थे। इनमें एक में दो जिंदा सांप और दूसरे में एक बोतल में 600 मिलीग्राम जहर बरामद हुआ। पुलिस ने सांप और जहर पीएफए को सौंप दिया। हालांकि बस से पुलिस तस्करों को नहीं पकड़ सकी।
शायद किसी पूर्व सूचना पर वे लोग पहले ही बस से उतर गए थे। बस चालक और कंडक्टर ने पुलिस को बताया कि बस दिल्ली से चली थी लेकिन डिब्बे के बारे में उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है।
कीमत करोड़ों में, ऐसे लगा ट्रैप
पीएफए टीम इंचार्ज चेतन शर्मा ने बताया कि 600 मिलीग्रम जहर की कीमत करोड़ो रुपये में है। चेतन शर्मा की शिकायत पर मौलीजागरां चौकी इंचार्ज रामरतन शर्मा ने तस्करों केखिलाफ सेक्टर 31 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया है।
तस्करों की तलाश में चार पुलिस टीम दिल्ली रवाना हो गई है। मेनका गांधी को सूचना मिली थी कि कुछ हाई प्रोफाइल और विदेशी लोग रेव पार्टी के लिए कोबरा के जहर की तस्करी दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर कर रहे हैं। इस पर उन्होंने चंडीगढ़ के पीएफए इंचार्ज चेतन शर्मा को तस्करों को पकड़वाने की जिम्मेदारी सौंपी।
चेतन शर्मा ने एसएसपी सुखचैन सिंह गिल से संपर्क कर उन्हें सारी जानकारी दी। एसएसपी ने एएसपी परमिंद्र सिंह को इस धरपकड़ के लिए नियुक्त किया। उन्होंने मौलीजागरां इंचार्ज रामरतन शर्मा के नेतृत्व में टीम बनाई। इस टीम ने पीएफए के सदस्यों के साथ हल्लोमाजरा चौक के पास नाका लगाया।
पुलिस में कोई भेदिया तो नहीं!
तस्करी का यह मामला काफी हाईप्रोफाइल है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं नाका लगने की सूचना किसी भेदिये ने ही तो तस्करों को नहीं दी, जिस वजह से वे रास्ते में ही उतर गए।
पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि इस तरह की रेव पार्टियां हिमाचल प्रदेश के जंगलों में होती हैं, हो सकता है कि इनकी सप्लाई वहीं होनी हो।
सेक्टर 17 बस स्टैंड पहुंचने से पहले एक यात्री ने बस चालक को फोन किया था कि वह बस की छत पर सामान भूल गया है। बस चालक ने यात्री को कहा था कि बस काउंटर नं 9 के पास रुकेगी। वहां पर आकर अपना सामान लेकर चले जाना। पुलिस ने काफी देर वहां इंतजार किया मगर कोई नहीं आया।
के-76 बदनाम पार्टी ड्रग
जहर की जो 600 एमएल मात्रा बरामद हुई है, उतनी सौ से ज्यादा कोबरा से मिलती है। वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार एक कोबरा में एकबार में जहर की अधिकतम 7एमएल मात्रा ही निकलती है।
सामान्य मात्रा चार से पांच एमएल हो सकती है। दिल्ली और एनसीआर रीजन में कोबरा का जहर वेलेंटाइन डे पार्टी ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। इसे के-72 और के-76 के नाम से तस्कर बेचते हैं। जहर से पाउडर बनाया जाता है और जिसकी एक चुटकी की कीमत 20 से 25 हजार रुपये होती है।
एएसपी परमिंद्र सिंह ने बताया कि रेव पार्टी में इस्तेमाल होने वाले कोबरा का 600 मिलीग्राम जहर और दो जिंदा सांपों को पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस टीमें तस्करों को पकड़ने के लिए दिल्ली रवाना हो गई हैं। जल्द ही वे गिरफ्त में होगें।