5 साल से 'दफन' राज खुलवाकर जिंदा जलाकर मारे गए व्यक्ति के हत्यारों का पता लगाने का दावा पुलिस ने किया है। मामला मोहाली का है और पंजाब के रोपड़ की पुलिस यह दावा कर रही है। 5 साल पहले सिसवां-बद्दी रोड पर प्रॉपर्टी डीलर को कार में जिंदा जलाकर मान दिया गया था। आरोपियों ने हत्या को काफी दिमागी कसरत के बाद अंजाम दिया था।
पांच साल बाद पुलिस ने उसी दिमाग की ब्रेन मैपिंग की और पोलीग्राफ टेस्ट के बाद मामले को सुलझा लिया। पुलिस ने मामले में राजकुमार, महेंदर पाल सिंह व गुरविंदर सिंह नाम के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राजकुमार और महेंद्र पाल गांव हरिपुर संढोली (बद्दी) के निवासी हैं। तीसरा आरोपी गुरविंदर गांव निवासी थाना पिंजौर हरियाणा का निवासी है।
तीनों को वीरवार को खरड़ अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सीआईए स्टाफ रोपड़ के इंस्पेक्टर गब्बर सिंह ने बताया कि वारदात की जांच एसएसपी रोपड़ वरिंद्र पाल सिंह की अगुवाई में एसपी (डी) हरनेक सिंह हुंदल कर रहे थे। टीम में डीएसपी रवनीत सिंह अटवाल के अलावा कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।
ऐसे मिला था शव
इंस्पेक्टर ने बताया कि 26 नवंबर 2010 में थाना मुल्लांपुर के अधीन पड़ते गांव सिसवां के समीप स्विफ्ट कार में गांव किशनगढ़ (चंडीगढ़) के रहने वाले सुरेश कुमार (26) की लाश बरामद हुई थी। जिसे गाड़ी की पिछली सीट पर जबरन लिटाकर कुत्ते को बांधने वाली जंजीर से बांधकर जिंदा जला दिया था। मृतक के पिता की शिकायत पर मुल्लांपुर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, 201 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद यह जांच मोहाली पुलिस ने अपने हाथ ली थी।
5 साल पुराना केस छह महीने में सुलझाया
एसएसपी रोपड़ की ओर से गठित टीम ने 5 साल पुराने केस को लगभग 6 महीने में ही सुलझा लिया। इस दौरान तीनों आरोपियों की वारदात से पहले व बाद की कॉल डिटेल की जब जांच की गई तो कुछ ऐसे सुराग मिले जिससे पुलिस आरोपियों तक पहुंची। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपी राजकुमार, महेंदर पाल सिंह व गुरविंदर सिंह का गांधी नगर (गुजरात) में ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट करवाया। जहां सारी सच्चाई पुलिस के सामने आई आ गई। इसके बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उक्त आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान वारदात में शामिल अन्य साथियों सहित और भी सबूत हासिल करेगी।
मोहाली पुलिस फेल हुई तो पिता पहुंचे हाईकोर्ट
मोहाली पुलिस केस में बुरी तरह फेल हो गई। कातिलों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा तो मृतक सुरेश कुमार के परिजनों ने जांच सीबीआई से कराने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। जहां से अदालत ने कत्ल के कारणों का पता लगाने व आरोपियों तक पहुंचने के लिए आईजी पंजाब को आदेश दिए।
आईजी ने रोपड़ पुलिस को सौंपा था केस
हाईकोर्ट के आदेश पर उस समय के आईजी परमजीत सिंह गिल ने मामले को हल करने की जिम्मेदारी एसएसपी रोपड़ वरिंद्रपाल सिंह को सौंपी थी। उन्होंने कत्ल की वारदात सुलझाने के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की थी।
प्रेम प्रसंग बना सुरेश की मौत का कारण
पूरे मामले में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी राजकुमार, महेंदर सिंह का दामाद है। जब कि गुरविंदर सिंह राजकुमार की मौसी का लड़का है। सुरेश कुमार का महेंदर पाल सिंह की बेटी से अफेयर था।
लड़की की शादी के दिन ही सुरेश कुमार का आरोपियों ने कत्ल किया था। क्योंकि लड़की के घरवालों को उनके अफेयर की भनक लग गई थी। दोनों विवाह करना चाहते थे। लेकिन लड़की के घरवाले इसके खिलाफ थे।
इसके चलते ही लड़की के पिता महेंदर पाल सिंह के उस समय होने वाले दामाद राजकुमार, उसकी मौसी के लड़के गुरविंदर सिंह ने मिलकर विवाह के दिन ही किसी बहाने सुरेश को बुलाया और कार में कुत्ते की चेन से बांधकर जिंदा जला दिया।