पलसौरा बेबी मर्डर केस में प्रतिदिन कहानी बदलती जा रही है। एसआईटी की टीम जहां इस मामले में गिरफ्तार पड़ोसी सुनीता उर्फ बिल्ली का बच्ची के परिवार से रुपयों का लेन-देन बता रही है, वहीं परिजनों ने इससे इंकार किया है।
वैसे बच्ची का शव मिलने के बाद ही बच्ची के पिता ने सुनीत पर ही शक जताया था मगर तब पुलिस ने सुनीता से पूछताछ के बाद इसे नकार दिया था।
अब एक और कहानी सामने आ रही है। इसके अनुसार बच्ची का शव मिलने के बाद मंगा गांव से फरार हो गया था। करीब एक सप्ताह बाद वह लौटा था और उसका हुलिया पूरी तरह से बदला हुआ था।
उधर गांव वालों के अनुसार ऑटो भी आरोपी सुनीता का ही है। पुलिस अब दावा कर रही है कि बच्ची को सुनीता के घर पर रखा गया मगर सुनीता एक कमरे के घर में अपने पति और बच्चों के साथ रहती है। पुलिस अब मोबाइल सर्विलांस से रिकार्ड के जरिए सुनीता और मंगा के बीच बातचीत होने की बात कर रही है।
सुनीता का घर सहेली के घर के पास
पिछले साल 27 नवंबर को जब बच्ची गायब हुई थी उस समय अभिभावकों की ओर से कहा गया कि बच्ची सहेली के घर पर गई थी। सहेली का घर भी गली में आरोपी सुनीता के घर के पास ही है।
एसएसपी डा. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि आरोपी आटो चालक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में सभी पहलुओं को पुलिस गंभीरता से देख रही है।