यूटी पुलिस विभाग में वर्ष 2011 में पानी पिलाने वालों की भर्ती में धांधली मामले में विजिलेंस विभाग ने पूर्व डीआईजी आईपीएस आरएस घुम्मन, डीएसपी जगबीर सिंह और मौजूदा इंस्पेक्टर नसीब सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
अधिकारियों की माने तो विजिलेंस ने पुलिस विभाग द्वारा इस विषय में गठित की गई जांच कमेटी की सिफारिस के आधार पर ही मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले में गिरफ्तारियां की जा सकती है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में पुलिस विभाग में पानी पिलाने वाले कर्मियों की भर्ती की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए सेलेकशन कमेटी बनाई गई थी। जिसमें तीनों अधिकारी शामिल थे।
भर्ती प्रक्रिया की सेलेकशन कमेटी में शामिल थे तीनों अधिकारी
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
- फोटो : File Photo
इस समय आर एस घुम्मन, डीएसपी जगबीर सिंह जो दोनों अधिकारी अब रिटायर हो चुके है। जबकि इंस्पेक्टर नसीब सिंह सेक्टर 36 पुलिस स्टेशन में बतौर एसएचओ तैनात है। लेकिन कुछ समय के बाद भर्ती प्रक्रिया में खामियों की शिकायत मिलने के आधार पर विभाग की तरफ से इस भर्ती प्रक्रिया में धांधली की जांच के लिए एक जांच कमेटी का गठन किया गया था।
विभाग द्वारा गठित की गई जांच कमेटी ने इस भर्ती प्रक्रिया में कई खामियां पाई है और जांच कमेटी ने इस मामले में उक्त तीनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए विजिलेंस विभाग को सिफारिश की थी। जांच कमेटी की सिफारिश और उसके द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर ही विजिलेंस विभाग ने इस मामले में उक्त तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम निरोधक , धोखाधड़ी व अन्य बनती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
आपको बता दे कि विभाग ने 2011 में आईआरबी में 64 क्लास चार कर्मचारियों की भर्तियां हुई थी। इनमें 11 पानी पिलाने वालों की भी भर्तियां हुई थी। जांच में कमेटी ने पाया था कि 11 भर्ती हुए पानी पिलाने वाले कर्मचारियों की मार्कशीट के साथ छेड़छाड़ हुई है। बाद में विभाग ने 2014 में ये भर्तियां रद्द भी कर दी गई थी। विभाग 11 मार्कशीट की कापियां सीएफएसएल जांच के लिए भेजी जाएगी। विजिलेंस विभाग का कहना है कि जल्द ही तीनों आरोपियों को उनके बयान दर्ज करने के लिए विजिलेंस थाने में बुलाया जाएगा।