पंचकूला के गांव बाना के गुरविंदर की हत्या मामले में पंचकूला पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को मोंटी और टोनी को अदालत में पेशकर दो दिन के रिमांड पर लिया। मुख्य आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस गुरविंदर की मौत की वजह ड्रग की ओवरडोज को मान रही है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि गुरविंदर की मौत पित्त फटने और जहर की वजह से वजह से हुई थी।
डीसीपी पंचकूला अश्विन शैणवी के अनुसार गुरविंदर की मौत ड्रग्स की ओवरडोज लेने से हुई है। उन्होंने बताया कि गुरविंदर ड्रग्स का आदी था और उसे अस्पताल में छोड़कर जाने वाले युवक भी ड्रग्स के आदी हैं। वे ड्रग्स के धंधे में भी संलिप्त हैं।
शैणवी के मुताबिक ड्रग्स लेने और खरीद को लेकर उनमें अक्सर लड़ाई होती थी। घटना वाले दिन भी गुरविंदर ने ड्रग्स की ओवर डोज ली थी।
जब गुरविंदर के साथियों को पता चला कि उसकी हालत नाजुक हो गई है तो वे उसे सामान्य अस्पताल में छोड़कर भाग गए। पुलिस ने इस मामले में संजू एवं मोंटी उर्फ मनीष चौधरी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। मोगीनंद के टोनी की तस्वीर सामान्य अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आने के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार वारदात वाले दिन गुरविंदर, संजू, मोंटी व अन्य लोग बोलेरो में सवार होकर पिंजौर और टिपरा की तरफ गए थे। सभी ने ड्रग्स ली और बाद में लड़ाई हो गई। ओवरडोज लेने के बाद तीनों युवकों ने गुरविंदर को अस्पताल में छोड़ दिया और फरार हो गए।
सामान्य अस्पताल में शव के पोस्टमार्टम के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि गुरविंदर के शरीर पर कई वार किए गए थे। उनके शरीर पर कई जख्म थे।
गुरविंदर के परिजनों का भी कहना है कि गुरविंद्र ड्रग्स नहीं लेता था। मोंटी और संजू ने लेनदेन की रंजिश के चलते ही उन्होंने उसे मौत के घाट उतार दिया। आरोपी संजू को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।