पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत के मामले उसकी डायरी बड़े राज खोल सकती है जो एसआईटी के पास है। फिलहाल यह पता चला है कि अकील ने अपने परिवार पर जो आरोप वीडियो रिकॉर्डिंग में लगाए थे, वहीं आरोप उसने डायरी में भी लिखे हैं। पुलिस ने अब वीडियो और डायरी दोनों को फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा है। एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डायरी की लिखावट वास्तव में अकील की ही या नहीं। इसके लिए हैंडराइटिंग सैंपल्स फोरेंसिक जांच को भेजे गए हैं।
डायरी में जिस तरह की बातें लिखी गई हैं उससे लग रहा है कि अकील लंबे समय से मानसिक तनाव में था और उसने परिवार को लेकर कई विरोधाभासी बातें दर्ज की थीं। डायरी के करीब 10 पन्नों में अकील ने अपने जीवन के तनाव, पारिवारिक मतभेदों और आत्मघाती विचारों को लिखा है। डायरी में अक्तूबर महीने में उसने जहरीला सामान बाहर से मंगवाने का भी जिक्र किया। डायरी में लिखा है कि उसने कीटनाशक जैसे जहरीले पदार्थ ऑनलाइन ऑर्डर किए थे, लेकिन दोनों बार उसकी मां को इसकी भनक लग गई। मां ने वह सामान छीनकर फेंक दिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह ऑर्डर किस प्लेटफॉर्म से और किस पते पर किया गया था।
वीडियो वाली बातें डायरी में लिखी
अकील ने अगस्त में 16 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें परिजनों पर गंभीर आरोप लगया गया था। जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। हालांकि उसके कुछ समय बाद तीन मिनट का एक और वीडियो अपलोड किया। करीब तीन मिनट की इस वीडियो में अकील अख्तर ने अपने परिवार के सदस्यों को पूरी तरह क्लीन चिट देते हुए कहा है कि उसने पहले जो भी आरोप लगाए थे, वे उसकी खराब मानसिक और शारीरिक स्थिति के कारण लगाए गए थे। यहीं बातें उसने डायरी में भी लिखी हैं। अगस्त में उसने अपने मानसिक रोग का जिक्र किया। सितंबर में परिवार, पत्नी और पिता के बारे में लिखा। दूसरे हफ्ते में लिखा, मैं तनाव में हूं, परिवार मेरा दुश्मन है। इसके बाद लिखा, मेरे परिजन बहुत अच्छे हैं। अक्तूबर में जहरीले पदार्थ का उल्लेख किया।
कमरे से मिली नशे की सीरिंज और पाउडर
22 अक्तूबर की रात एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने पूर्व डीजीपी मुस्तफा के एमडीसी स्थित घर की तलाशी ली। अकील के कमरे से दो मोबाइल, लैपटॉप, एक सीरिंज और पाउडर जैसा पदार्थ बरामद हुआ, जिसे लैब जांच के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अकील के हाथ पर इंजेक्शन के निशान पाए गए हैं।
डि-एडिक्शन सेंटर मालिक और डॉक्टरों से पूछताछ
शनिवार को एसआईटी ने पटियाला स्थित डि-एडिक्शन सेंटर के मालिक, डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की। अकील यहां दो बार भर्ती रहा था। सेंटर मालिक ने बताया कि अकील का व्यवहार अस्थिर था,कभी वह अपने परिवार के खिलाफ बोलता था, तो कभी उनकी तारीफ करता था।