चंडीगढ़ में आईलेट्स की तैयारी करने आए हरपिंदर से रंजिश का बदला लेने के लिए सेक्टर-22 में बंधक बनाकर मारपीट, कपड़े उतार कर वीडियो बनाने और नगदी लूटने के आरोपियों को पकड़ने गई क्राइम ब्रांच पर मोगा में नामजदों ने हमला बोल दिया।
विज्ञापन
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश मौके पर ढेर हो गए। बुधवार शाम सात बजे मोगा के गांव पुराना के पास हुई इस मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच के एसआई राजदीप सिंह और कांस्टेबल सुरेंद्र भी घायल हो गए।
दोनों को गंभीर हालत में लुधियाना स्थित सीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के दो साथियों को मौके से दबोच लिया। मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों की पहचान सुखदेव सिंह और गुरचरण सिंह उर्फ रिंकू के रूप में हुई है। मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही डीएसपी क्राइम जगबीर सिंह टीम के साथ मोगा पहुंच गए।
विज्ञापन
आधे घंटे तक फायरिंग, दो दर्जन राउंड फायर
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर रणजोत सिंह बुधवार सुबह पुलिस टीम के साथ सेक्टर-22 में हरपिंदर सिंह के साथ वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुरचरण सिंह उर्फ रिंकू, शुभपाल सिंह और सिंदर सिंह को पकड़ने मोगा के गांव बागा पुराना गए थे।
पुलिस के अनुसार, वहां पर क्राइम ब्रांच की टीम ने मोगा-कोटकपुरा मार्ग पर एक गाड़ी को रुकने का इशारा किया। इस पर कार में बैठे सुखदेव सिंह और रिंकू ने क्राइम ब्रांच के जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। यह देख क्राइम ब्रांच ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। करीब आधा घंटे तक हुई फायरिंग में दो दर्जन राउंड फायर किए गए।
मुठभेड़ में फायरिंग करने वाले कार बाजार यूनियन के प्रधान सुखदेव सिंह और उसके साथी रिंकू को गोली लगने से मौके से पर मौत हो गई, जबकि दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच ने मौके पर दबोच लिया। फायरिंग के दौरान क्राइम ब्रांच के एसआई राजदीप के पेट, जबकि कांस्टेबल सुरेंद्र की जांघ और पैर में गोली लगी। मोगा पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुठभेड़ में मारा गया आरोपी भू माफिया
मुठभेड़ में मारे गए सुखदेव का अपने इलाके में खूब दबदबा था। वह भू-माफिया के तौर पर जाना जाता था। वह झगड़े वाली जमीनों को राजसी पहुंच से कब्जाने के लिए कुख्यात था। इसके अलावा उसकी राजनीतिक पहुंच भी थी।
वह चुनाव के दौरान भी चर्चा में रहता था। उसके खिलाफ हत्या और लूट के कई मामले दर्ज हैं। चंडीगढ के एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि एक मामले के आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम मोगा गई थी।
वहां आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिससे एसआई राजदीप और कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी मौके पर ही मारे गए, जबकि उनके दो साथियों को पुलिस ने दबोच लिया।
दो साल पहले पिटाई का बदला लेने के लिए यूएस में रहने वाले जगमीत और बलराज ने अपने भाई गुरचरण को सेक्टर-22 में रह रहे हरपिंदर से बदला लेने भेजा था। गुरचरण अपने साथी सिंदर और शुभपाल के साथ चंडीगढ़ आया और हरपिंदर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट। आरोपियों ने पीड़ित के कपड़े उतारकर उसका वीडियो बनाया और नगदी लूटकर फरार हो गए थे।
हमलावरों ने वीडियो यूएस में अपने भाई जगमीत और बलराज को भेजी थी। इसके बाद पुलिस ने मोगा स्थित गांव छुन्नू वाला निवासी गुरचरण, गांव संगतपुरा निवासी शुभपाल सिंह और गांव लगथाना के सिंदर सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने बताया कि करीब दो साल पहले मोगा के गांव बागा पुराना में जगमीत और बलराज ने हरपिंदर की चचेरी बहन से छेड़छाड़ की थी। इस पर हरपिंदर और उसके दोस्तों ने जगमीत और बलराज की जमकर पिटाई की थी। दोनों पक्षों ने किसी प्रकार की शिकायत नहीं दर्ज करवाई थी और बाद में जगमीत और बलराज यूएस चले गए थे।