बच्चों पटाखे बजाने बंद कर दो दस बज चुके है। पुलिस अंकल अभी तो बजाने लगे है। पटाखे बजाए तो तुम्हारे खिलाफ कानूनी कार्यवाही होगी।
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अंकल आज तो दीवाली है बस थोड़ी देर बजाने है। पुलिस कंट्रोल की जिप्सी शहर के अलग-अलग सेक्टरों में पटाखे बंद करवाने के लिए दौड़ पड़ी।
ध्वनि प्रदूषण के चलते लोगों ने पुलिस कंट्रोल रुम में पटाखे बजाने वालों की शिकायत करनी शुरू कर दी थी। पुलिस कंट्रोल रुम में 13 काल पटाखे बंद करवाने की और 21 कॉल आग लगने की आई है।
दीवाली पर 24 घंटे के भीतर पुलिस कंट्रोल रुम में 100 नंबर पर कुल 2700 कॉल आई। जिनमें 307 कॉल पर पीसीआर जिप्सी मौके पर पहुंची।
कंट्रोल रुम में 134 कॉल मारपीट की , 45 कॉल सड़क हादसों की , 13 कॉल पटाखे बजाने की वजह से ध्वनी प्रदूष्ण, 21 कॉल आगजनी की और 94 कॉल अन्य स्पोर्ट पर पीसीआर जवानों ने पहुंचकर स्थिति को संभाला था। उधर डीएसपी कम्युनिकेशन रोशनलाल ने बताया कि पुलिस के कड़े इंतजाम के चलते दीवाली के त्यौहार पीसफुल रहा।