गोली चलने से एक कॉन्सटेबल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर-4 स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल की पार्किंग में खड़ी अपनी बलेनो कार में शनिवार तड़के पंजाब पुलिस के एक कांस्टेबल ने खुद को गोली मार ली। लहूलुहान हालत में उसे आनन-फानन में पीजीआई ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मूलरूप से जालंधर निवासी सिमरनदीप सिंह (23) के रूप में हुई है। सिमरनदीप सिंह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सिक्योरिटी में तैनात था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। सेक्टर-3 थाना पुलिस मामले की जांच सभी एंगलों से कर रही है।
घटना शनिवार तड़के करीब 2.45 बजे की है। पुलिस के अनुसार, सिमरनदीप सिंह को पिता की जगह पंजाब पुलिस 82 बटालियन में बतौर कांस्टेबल की नौकरी मिली थी। उसकी ड्यूटी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सिक्योरिटी में थी। वह सेक्टर-4 स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल के बैरक में रहता था। रोजाना शाम करीब पांच बजे तक ड्यूटी पूरी होने के बाद वह बैरक में रहने के लिए आता था। शुक्रवार रात जब उसके साथी ने सिमरनदीप को बेड पर नहीं पाया तो उसकी तलाश में बाहर चला गया।
इस दौरान पंजाब एमएलए हॉस्टल की पार्किंग में खड़ी बलेनो कार की ड्राइविंग सीट पर सिमरनदीप लहूलुहान हालत में पड़ा था। शोरशराबे के बाद आसपास के अन्य लोगों ने कार का शीशा तोड़कर सिमरनदीप बाहर निकाला और उसे पीजीआई ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद तड़के करीब तीन बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर सेक्टर-3 थाना प्रभारी शेर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर मामले में हर पहलुओं से जांच शुरू कर दी।
रात 12 बजे तक मोबाइल पर कर रहा था बात
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि 9 एमएम पिस्टल से गोली ठुड्डी के नीचे से सिर के आरपार हो गई, जिससे सिर के चीथड़े उड़ गए। अस्पताल ले जाने के दौरान कार के आसपास सिर का कुछ हिस्सा वहीं पर गिर गया। यह भी सामने आया कि रात करीब 12 बजे तक वह किसी से मोबाइल पर बात करता रहा। पुलिस ने घटनास्थल से 9 एमएम की पिस्टल बरामद कर सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
तीन बहनों में अकेला था सिमरनदीप
घटना के बाद पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 के मोर्चरी में रखवा दिया है। जहां अब मृतक का कोरोना सैंपल लेकर रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। बताया गया कि सिमरनदीप तीन बहनों में अकेला भाई था। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।