उस अभागन मां और बाप का दर्द कोई नहीं समझ पाया, उनका जवान बेटा बर्थडे के दिन दुनिया से हमेशा के लिए चला गया था। जानिए क्या मामला है...
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आराम से सो जाईओ। कल तेरा जन्म दिन है। आफत मत तारियो। घटना से दस मिनट पहले ही यह हिदायत लॉ स्टूडेंट वीरेंद्र को उसकी मां रीना ने फोन पर दी थी। यह सुनकर वह हंसते हुए बोला, मां तन्नै याद है, आज मेरा बर्थ डे है। बस यही आखिरी बात छात्र की अपनी मां से हुई। पीजीआई के ट्रामा सेंटर के बाहर बैठी रीना बस इतना ही कह पाई। इसके बाद वह फफक पड़ी। मां को अपने बेटे की मौत का यकीन की नहीं हो रहा है।
अपने बड़े बेटे की मौत पर विलाप करते हुए रीना ने बताया कि दस दिन पहले ही वह प्रेक्टिकल के लिए घर से आया था। उसे वकील बनना था। इसलिए लॉ कर रहा था। शहर में किराए के मकान में रहता था। चार दिन पहले उसके ताऊ के बेटे के साथ किसी का झगड़ा हुआ था। उस झगड़े में वीरेंद्र बीच बचाव करने गया था। इसके बाद सब शांत हो गया था। हमें नहीं पता था, यह सब हो जाएगा।
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हत्यारों ने पहले हाथ मिलाया, फिर बोले हिसाब बराबर
एएसआई के बेटे की हत्या
रोहतक में शीला बाइपास बुधवार देर रात दो बदमाशों ने लॉ स्टूडेंट की गोली मार कर हत्या कर दी। ईएएसआई के बेटे की छाती में बाई ओर दिल के पास गोली मारी गई। छात्र के ताऊ के बेटे से एक दिन पहले हुए झगड़े के चलते हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। हत्यारों ने वारदात को अंजाम देने से पहले वीरेंद्र से हाथ मिलाया था। यही नहीं उसे गोली मारने से पहले कहा था, ये ले हिसाब बराबर हो गया।
कोर्ट कॉम्पलेक्स की गार्द में तैनात दूबलधन निवासी ईएएसआई राजबीर का 23 वर्षीय बेटा वीरेंद्र बुधवार रात नवभारत कैंटीन से खाना लेने गया था। यहां उसे दो हमलावरों ने गोली मार दी। शहर के एक कालेज से लॉ की पढ़ाई कर रहे वीरेंद्र को मारने के लिए हमलावरों ने उसके दिल के पास गोली मारी। गोली चलने का शोर सुनकर आसपास के लोगों ने उसे गंभीर हालत में पीजीआई पहुंचाया।
कुछ ही देर में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। देर रात डीएसपी रमेश कुमार मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने अधिकारियों से घटना की जानकारी लेने के बाद मामले की छानबीन शुरू की।
दो युवकों पर शक, फिलहाल पुष्टि नहीं
एएसआई के बेटे की हत्या
मामले में पुलिस को शीला बाईपास के पास ही रहने वाले दो युवकों पर शक है। इनमें से एक बॉक्सर के नाम से मशहूर बताया गया है। बॉक्सर व उसके भाई का नाम हत्या से जोड़ा रहा है। फिलहाल पुलिस ने हत्यारों की पुष्टि नहीं की है।
एमडीयू के हॉस्टल 6 में जाते रहे हैं आरोपी
छात्र की हत्या में शामिल बताए जा रहे युवक अक्सर एमडीयू के हॉस्टल नंबर छह में आते रहे हैं। इन्हें अक्सर यहां घूमते हुए देखा गया है। हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि दोनों एक वरना कार से आते थे। यहां छात्रों को डरा धमका कर उन पर धाक जमाते थे।
जेल से जमानत पर आया है बॉक्सर
पुलिस के मुताबिक, हत्यारोपी बॉक्सर पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वह हाल ही में जेल से जमानत पर छूट कर बाहर आया है। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में है।
हम वो हैं जो कभी नहीं सुधरेंगे..
हम वो हैं जो कभी नहीं सुधरेंगे या तो ब्लॉक कीजिए या बर्दाश्त कीजिए। यह वह आखिरी लाइन हैं, जिन्हें लॉ स्टूडेंट वीरेंद्र ने अपनी मौत के करीब 28 घंटे पहले अपने फेसबुक एकाउंट पर अपडेट की। यही वीरेंद्र की आखिरी पोस्ट भी है। इससे पूर्व 27 अप्रैल को पोस्ट अपडेट की थी। इसमें लिखा है कि जिगर वालों का डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहां भी कदम रखते हैं, जहां रास्ता नहीं होता..
मृतक के दोस्तों ने बताया कि वीरेंद्र का तीन मई को जन्म दिन था। इसके चलते दोस्तों ने पार्टी की डिमांड रखी। वारदात से पहले देर रात इसी पार्टी की तैयारी चल रही थी। रात को वे खाने-पीने का सामान लेने ही गए थे कि यह घटना हो गई।
छात्र वीरेंद्र की हत्या का मामला सामने आया है। हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि हत्यारों ने पहले वीरेंद्र से हाथ मिलाया। बाद में उसे हिसाब बराबर होने की बात कहते हुए गोली मारी। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। - रमेश कुमार, डीएसपी।
पुलिस वीरेंद्र की हत्या मामले में कार्रवाई कर रही है। परिजनों के बयान के आधार पर विक्की बॉक्सर समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है। इसमें अमन, राहुल, विजय व दीपक शामिल हैं। जल्दी ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। श्रीभगवान, प्रभारी, सिविल लाइन थाना