उन्होंने जाली वारंट परिवार को दिखाए। इसके बाद परिवार वाले पहले तो डर गए और उन्होंने ऐसा कोई मामला न होने की बात की। मगर गोपाल ने ऐसे रौब दिखाया कि हर कोई यह सोच रहा था कि यह शायद सीबीआई का स्पेशल अफसर ही है और महिला भी पूरे अधिकारियों के तौर पर रौब दिखा रही थी।
उन्होंने बाकायदा वारंट दिखाने के साथ-साथ परिवार को पहचान पत्र भी दिखाए। गोपाल के पहचान पत्र पर स्पेशल अफसर लिखा था। कुछ समय परिवार वालों पर रौब दिखाने के बाद दोनों ने मामला रफा दफा करने के लिए परिवार से सेटिंग करना शुरू कर दी। इसके बाद परिवार वालों को शक हो गया। बहादुर सिंह के परिवार वालों ने इलाके के लोगों को इकट्ठा किया तो उन्होंने पुलिस बुलाई।
पुलिस ने जांच की तो पता लगाया कि दोनों आरोपी ठग हैं और इनका सीबीआई से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस ने दोनों को अपनी हिरासत में ले लिया। सब इंस्पेक्टर कुलबीर सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनसे पता लगाया जा रहा है कि वह पहले कितने लोगों को ठग चुके हैं और उन्होंने जाली पहचान पत्र और वारंट कहां से तैयार करवाए। पुलिस आरोपियों के संपर्क सूत्रों का पता लगाने में जुटी है।