अगले दिन उसने एमेजॉन के मुलाजिमों से लूट की। दोनों मुलाजिमों को गोली रोहित कुब्बा ने ही मारी थी। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद कुब्बा और राणा पंजाब से फरार हो गए। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वारदातों को अंजाम देने के लिए आरोपी यूपी से हथियार लाया था।
लूट के मामले में भी था वांछित
गैंगस्टर रोहित कुब्बा के खिलाफ जम्मू में मामला दर्ज हुआ था। वह दो से ढाई साल तक जेल में रहा। वहां से जमानत मिलने के बाद वह दोबारा पेशी पर नहीं गया। उसके बाद आरोपी ने 2017 में पिंडी स्ट्रीट में एक व्यापारी से 15 लाख रुपये लूट लिए। इस दौरान आरोपी राणा भी उसके साथ था। लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
लूट के मामले में आरोपी को भगोड़ा करार दिया गया था। उसके अलावा आरोपी ने बस्ती जोधेवाल इलाके में एक युवक के साथ मारपीट की। उक्त युवक की बाद में मौत हो गई थी। इस मामले में भी हत्या के प्रयास का केस हत्या में तब्दील हो गया था। जब पुलिस मुलाजिम ने डीएमसी के बाहर आरोपी को काबू किया तो वह डर गया।
लूट के लिए गिरोह को चाहिए था हथियार वाला व्यक्ति
पुलिस पूछताछ में पता चला कि एमेजॉन में काम करने वाले मुलाजिम ने ही वहां के कैश ले जाने वाले मुलाजिमों से लूट की योजना बनाई थी। लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए एक हथियार वाला व्यक्ति चाहिए थे। इसी दौरान गिरोह के ही एक सदस्य ने आरोपी कुब्बा से मुलाकात कराई और आरोपियों ने कुब्बा को शामिल कर लिया। कुब्बा ने ही दोनों मुलाजिमों को गोली मारी थी।