पलसौरा बेबी मर्डर केस में पुलिस की हर थ्योरी फेल साबित हो रही है। लिहाजा, 28 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगे हैं।
यह कहने में गुरेज नहीं होगी कि पुलिस अभी तक अंधेरे में तीर मार रही हैं। ऐसे में अब पुलिस को सिर्फ अपने मुखबिरों की ही आस बची है।
पुलिस ने इस मामले में अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया है। जिससे पुलिस हत्यारे तक पहुंच सके।
कार्यभार संभालते ही एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने पीड़ित पक्ष से मिलकर हत्यारों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया था। साथ ही उन्होंने जांच टीम को टिप्स दिए थे।
अब पुलिस ने शाम के बाद सादी वर्दी में भी कर्मचारी गांव में नियुक्त किए हैं जो वहां के लोगों से बातचीत कर सुराग लगा रहे हैं।
ऐसे में जांच टीम अब यह संभावना जता रही है कि इसमें बच्ची के परिवार के किसी जानकार का हाथ हो सकता है। पुलिस ने जांच में तेजी लाने के लिए पूरे गांव में रहने वाले लोगों का वेरिफिकेशन किया।
एरिया के पुराने अपराधियों से पूछताछ की है। इसके अलावा हत्यारे का सुराग बताने वालों के लिए एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।
इसके अलावा कुछ संदिग्ध लोगों के फोन नंबर भी सर्विलांस पर लगाए है। एरिया में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई है। लेकिन, इन सभी का कोई फायदा नहीं मिला।
पुलिस संभावना जता रही है कि हत्यारा गांव से भाग चुका है। कोई सुराग न मिलने पर पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है।
गौरतलब है कि एक दिसंबर को फर्नीचर मार्केट के पिछली तरफ बच्ची का शव बंद बोरी में मिला था। बच्ची के पिता के अनुसार, पुलिस ने हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि एसआईटी अभी भी गहनता से जांच में जुटी हुई है। हत्यारे तक पहुंचने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है।